
उमर्दा/तिर्वा, कन्नौज। कन्नौज जिले के उमर्दा विकासखंड क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। मिरुअनमढ़ा, कुढ़िना निकारीपुरवा, कुंवरपुर, बघेलपुरवा, हरौलपुरवा, हवलिया और भरखरा समेत आसपास के गांवों में करीब 36 से 40 घंटे तक हुई बारिश का असर खेतों में खड़ी फसलों पर दिखाई देने लगा है। कई स्थानों पर धान की फसल खेतों में गिर गई है, जिससे किसानों को नुकसान की आशंका है।
लगातार बारिश से खेतों में गिरी खड़ी फसल
किसानों के मुताबिक लगातार पानी बरसने और मौसम में नमी बढ़ने के कारण धान के पौधों के तने कमजोर होकर झुक गए। कई खेतों में फसल जमीन पर बिछी नजर आ रही है। किसानों का कहना है कि यदि बारिश का दौर आगे भी जारी रहा तो खेतों में गिरी फसल को संभालना मुश्किल हो सकता है और इसका सीधा असर उत्पादन पर पड़ सकता है।
कन्नौज जिले में हालिया दिनों में तेज बारिश और हवा के कारण धान की फसल गिरने की स्थिति की अन्य क्षेत्रों से भी रिपोर्ट सामने आई है।
दाने की गुणवत्ता खराब होने की आशंका
खेतों में पानी और अत्यधिक नमी बने रहने से किसानों को धान के दानों की गुणवत्ता प्रभावित होने की चिंता है। उनका कहना है कि फसल लंबे समय तक जमीन पर पड़ी रही तो दानों में नमी बढ़ने के साथ फसल खराब होने का खतरा भी बढ़ सकता है।कृषि विशेषज्ञों के अनुसार अत्यधिक नमी और खेतों में पानी जमा रहने से फसलों में रोग और कीट संबंधी समस्याएं बढ़ सकती हैं। लगातार बारिश और जलभराव से कन्नौज समेत आसपास के क्षेत्रों में किसानों की परेशानी बढ़ने की खबरें भी सामने आई हैं।
किसानों ने बताई अपनी परेशानी
क्षेत्र के किसान जगत मोहन ने बारिश से हुए नुकसान को लेकर चिंता जताई। वहीं अन्न मोहन, शिशु, गेंदालाल और जुग्गू सिंह समेत अन्य किसानों ने भी बारिश को खेती के लिए परेशानी का कारण बताया। किसानों का कहना है कि फसल तैयार होने के समय हुई बारिश ने उनकी मेहनत और लागत दोनों पर संकट खड़ा कर दिया है।
मुआवजे की उम्मीद, सरकारी सर्वे का इंतजार
बारिश से प्रभावित किसानों की नजर अब प्रशासन और कृषि विभाग की ओर है। किसानों की मांग है कि खेतों में हुए नुकसान का स्थलीय आकलन कराया जाए और पात्र किसानों को नियमानुसार राहत उपलब्ध कराई जाए। स्थानीय स्तर पर यह भी कहा गया है कि नुकसान का आकलन होने के बाद किसानों की मदद के लिए शासन को पत्र भेजा जाएगा।उत्तर प्रदेश में हालिया बारिश और बाढ़ से फसल क्षति के मामलों में राहत एवं कृषि निवेश अनुदान के लिए शासन स्तर पर प्रावधान किए गए हैं। 21 सितंबर 2026 के राहत आयुक्त कार्यालय के शासनादेश में बाढ़ से प्रभावित किसानों को अनुमन्य राहत सहायता और कृषि निवेश अनुदान के लिए धन आवंटन का उल्लेख है।
कन्नौज में बारिश का असर लगातार सामने आ रहा
कन्नौज में इस बारिश का असर केवल खेतों तक सीमित नहीं है। इससे पहले जिले के ठठिया क्षेत्र में लगातार बारिश के कारण विशिष्ट आलू मंडी की करीब 35 मीटर लंबी बाउंड्रीवॉल ढहने की खबर सामने आई थी। वहीं उमर्दा क्षेत्र में भी बारिश से कच्चे मकान की छत गिरने से पशुओं की मौत की घटना सामने आ चुकी है।
अब किसानों को राहत और नुकसान के आकलन का इंतजार
लगातार बारिश के बीच किसानों के सामने सबसे बड़ी चिंता खेतों में खड़ी फसल को बचाने की है। उमर्दा क्षेत्र के प्रभावित गांवों में किसान मौसम साफ होने और खेतों से अतिरिक्त पानी निकलने की उम्मीद लगाए हैं। अब किसानों की निगाह इस बात पर है कि प्रशासन की ओर से फसल क्षति का सर्वे कब शुरू होता है और प्रभावित किसानों को नियमानुसार राहत कब मिलती है।






