
तिर्वा, कन्नौज। जमीन की पैमाइश को लेकर नाराज एक महिला रविवार को तिर्वा तहसील परिसर स्थित पानी की टंकी पर चढ़ गई। महिला ने अपनी जमीन की कथित गलत पैमाइश किए जाने और उसके आधार पर निर्माण कराए जाने का आरोप लगाते हुए मौके पर निर्माण रुकवाने तथा संबंधित लेखपाल के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और तहसील प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे। इस घटनाक्रम की स्वतंत्र पुष्टि करने वाली एक अन्य स्थानीय रिपोर्ट में भी महिला के टंकी पर चढ़ने और अधिकारियों द्वारा समझाने की जानकारी सामने आई है।
जमीन पर कब्जे और गलत पैमाइश का लगाया आरोप
बहादुरपुर निवासी किरन राजपूत का आरोप है कि सड़क किनारे स्थित उनकी जमीन की पैमाइश सही तरीके से नहीं की गई। उनका कहना है कि कथित गलत पैमाइश के बाद पास के एक व्यक्ति ने जमीन पर कब्जा कर निर्माण शुरू कर दिया। महिला के अनुसार, उन्होंने इस संबंध में पहले भी शिकायतें की थीं, लेकिन अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने तहसील परिसर पहुंचकर अपनी मांग प्रशासन के सामने रखी।
टंकी पर चढ़कर कागज के जरिए रखती रहीं अपनी मांग
रिपोर्ट के अनुसार महिला अपने साथ मोबाइल, पेन और कागज लेकर पानी की टंकी पर चढ़ी थीं। वह अपनी मांगें लिखकर नीचे अधिकारियों तक पहुंचाती रहीं। इस दौरान पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने लगातार उनसे नीचे उतरने की अपील की। अमर उजाला की रिपोर्ट के मुताबिक घटनाक्रम करीब तीन घंटे तक चला।
अधिकारी पहुंचे, समझाइश के बाद बनी बात
महिला के टंकी पर चढ़ने की सूचना पर नायब तहसीलदार अमित पाठक, सतीश कनौजिया, सीओ कुलवीर सिंह और कोतवाल संजय कुमार शुक्ला समेत पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने महिला से बातचीत कर उन्हें नीचे उतरने के लिए समझाया। अंततः लिखित आश्वासन दिए जाने के बाद महिला टंकी से नीचे उतर आईं।
निर्माण रुकवाने और दोबारा पैमाइश की मांग
महिला की प्रमुख मांगों में विवादित जमीन पर चल रहे निर्माण को रुकवाना, जमीन की दोबारा पैमाइश कराना और कथित गलत पैमाइश के लिए जिम्मेदार लेखपाल के विरुद्ध कार्रवाई करना शामिल रहा। प्रशासन की ओर से जमीन की दोबारा पैमाइश कराने का आश्वासन दिया गया है।
धूप में रहने के बाद मेडिकल कॉलेज भेजी गईं
लगभग तीन घंटे तक पानी की टंकी पर रहने के बाद महिला को पुलिस द्वारा चिकित्सकीय जांच के लिए मेडिकल कॉलेज भेजे जाने की जानकारी सामने आई है। अधिकारियों के अनुसार, महिला को समझाकर सुरक्षित नीचे उतारना तत्काल प्राथमिकता थी।
प्रशासन ने कहा—दोबारा होगी पैमाइश, न्यायालय में मामला हुआ तो यथास्थिति
नायब तहसीलदार सतीश कनौजिया के अनुसार, जिस जमीन पर निर्माण कराया जा रहा था, उसे रुकवा दिया गया है और जमीन की दोबारा पैमाइश कराई जाएगी। यदि मामला न्यायालय में विचाराधीन है तो न्यायालय के आदेश तक मौके पर यथास्थिति बनाए रखने की बात कही गई है।






