
कन्नौज। सदर विधानसभा क्षेत्र के अलीपुर जलेसर गांव में रविवार को आंगनबाड़ी केंद्र के निर्माण की शुरुआत के लिए भूमि पूजन कार्यक्रम आयोजित किया गया। समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण ने हवन में आहुतियां देकर निर्माण कार्य का शुभारंभ किया। प्रस्तावित केंद्र के निर्माण पर 9 लाख 98 हजार रुपये खर्च किए जाने की जानकारी दी गई।
भूमि पूजन के बाद मंत्री ने ग्रामीणों को किया संबोधित
कार्यक्रम के दौरान मंत्री असीम अरुण ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि आंगनबाड़ी केंद्र बनने से गांव की महिलाओं और बच्चों को स्थानीय स्तर पर विभिन्न सेवाओं का लाभ मिल सकेगा। उत्तर प्रदेश में आंगनबाड़ी केंद्र बाल विकास, पोषण और प्रारंभिक आयु के बच्चों से जुड़ी सेवाओं के महत्वपूर्ण केंद्र हैं। सरकारी स्वास्थ्य कार्यक्रमों में भी आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से बच्चों की स्क्रीनिंग और स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने का प्रावधान है।
गंगा किनारे के गांव में खनन निधि से विकास की तैयारी
अलीपुर जलेसर गंगा किनारे स्थित गांव है। मंत्री ने कहा कि क्षेत्र में होने वाले बालू खनन से नियमों के अनुसार प्राप्त निधि का इस्तेमाल स्थानीय विकास कार्यों में किया जाएगा। उन्होंने क्षेत्र की सड़कों को चौड़ा और मजबूत किए जाने की बात भी कही, ताकि आवागमन बेहतर हो और दुर्घटनाओं की आशंका कम हो।
खनन के लिए नियम और कागजी प्रक्रिया पूरी करने पर जोर
मंत्री ने ग्रामीणों से कहा कि खनन निर्धारित नियमों के अनुसार ही कराया जाना चाहिए। उन्होंने कागजी प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही खनन कराने की बात कही और किसी प्रकार की परेशानी होने पर इसकी जानकारी देने का आग्रह किया।
बच्चों के पोषण और महिलाओं से जुड़ी सेवाओं पर फोकस
कार्यक्रम में ग्रामीण क्षेत्रों में बच्चों के पोषण, प्रारंभिक शिक्षा तथा महिलाओं से संबंधित सेवाओं को बेहतर बनाने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों का भी उल्लेख किया गया। प्रदेश सरकार के आधिकारिक दस्तावेजों में भी आंगनबाड़ी केंद्रों के भवन निर्माण और पोषण संबंधी सेवाओं को मजबूत करने के लिए विभिन्न विभागों के समन्वय से चल रहे कार्यों का उल्लेख है।
प्रशासनिक अधिकारी भी रहे मौजूद
भूमि पूजन कार्यक्रम के दौरान एडीएम देवेंद्र सिंह और मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र श्रीवास सहित अन्य अधिकारी एवं ग्रामीण मौजूद रहे। कार्यक्रम के साथ अलीपुर जलेसर में प्रस्तावित आंगनबाड़ी केंद्र के निर्माण की प्रक्रिया औपचारिक रूप से आगे बढ़ी।
क्या बदलेगा केंद्र बनने के बाद?
नए केंद्र के निर्माण से गांव के बच्चों और महिलाओं के लिए आंगनबाड़ी से जुड़ी सेवाओं के लिए स्थानीय स्तर पर सुविधा उपलब्ध होने की उम्मीद है। उत्तर प्रदेश सरकार के आधिकारिक पोर्टल के अनुसार आंगनबाड़ी केंद्रों से संबंधित विभिन्न सरकारी सेवाओं और योजनाओं के लिए पंजीकरण तथा लाभार्थी सेवाओं की व्यवस्था भी संचालित है।






