
तिर्वा/कन्नौज। ठठिया थाना क्षेत्र के सिमरिया गांव के धूरपुर निवासी एक महिला ने जमीन संबंधी विवाद में दबंगों पर उसकी झोपड़ी और खोखा तोड़कर सामान सड़क पर फेंकने का आरोप लगाया है। महिला का कहना है कि मामले को लेकर पूर्व में कई बार शिकायतें की गईं, लेकिन अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने के बाद उसे तहसील दिवस में प्रार्थना पत्र देना पड़ा।
गाटा संख्या को लेकर सामने आया विवाद
शनिवार को तिर्वा तहसील दिवस में पहुंची अनिता ने अधिकारियों को दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि ग्राम पंचायत में दर्ज गाटा संख्या 1376 और 1378 से संबंधित भूमि को लेकर विवाद है। महिला के मुताबिक, इसी जमीन पर उसकी झोपड़ी और खोखा मौजूद था, जिसे कथित रूप से तोड़ दिया गया और वहां रखा सामान बाहर फेंक दिया गया।
राजस्व विभाग पर भी लगाए गंभीर आरोप
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि कार्रवाई में राजस्व विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत रही। महिला का दावा है कि दूसरे पक्ष ने गाटा संख्या 1377 में भूमि का बैनामा कराया है, जबकि विवादित भूमि को लेकर उसके साथ अन्याय किया जा रहा है। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
कई शिकायतों के बाद तहसील दिवस में पहुंची महिला
अनिता के अनुसार, उसने मामले में पुलिस और राजस्व विभाग के समक्ष पहले भी कई प्रार्थना पत्र दिए थे। कार्रवाई न होने का आरोप लगाते हुए शनिवार को नीली क्रांति बहुजन एकता संगठन के प्रदेश सचिव अरविंद जाटव और जिला अध्यक्ष करन कुमार की अगुवाई में तहसील दिवस में शिकायत दर्ज कराई गई।
लेखपाल बोले—संयुक्त टीम की मौजूदगी में हुई कार्रवाई
मामले में क्षेत्रीय लेखपाल रामदास ने बताया कि नायब तहसीलदार और पुलिस की संयुक्त टीम की मौजूदगी में नियमानुसार कार्रवाई की गई है। वहीं, तिर्वा की उपजिलाधिकारी वैशाली ने बताया कि प्रकरण की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
जांच के बाद ही साफ होगी वास्तविक स्थिति
फिलहाल मामले में महिला द्वारा लगाए गए आरोपों और प्रशासन की ओर से बताई गई कार्रवाई के बीच वास्तविक स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट होगी। शिकायत में उल्लिखित भूमि के अभिलेख, बैनामा, कब्जे की स्थिति और मौके पर हुई कार्रवाई से जुड़े दस्तावेज जांच का महत्वपूर्ण आधार होंगे। ग्रामीण क्षेत्रों में भूमि विवादों के मामलों में राजस्व अभिलेख और मौके की स्थिति का आधिकारिक सत्यापन निर्णायक होता है।






