
इंदरगढ़/कन्नौज। कन्नौज जिले के इंदरगढ़ कस्बे में वर्षों पुरानी सड़क और नाला निर्माण की समस्या को लेकर रविवार को व्यापारियों एवं कस्बावासियों का आक्रोश सड़क पर दिखाई दिया। उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के नगर अध्यक्ष पंकज गुप्ता के नेतृत्व में व्यापारियों ने प्रदर्शन कर जर्जर सड़कों और जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान की मांग उठाई। प्रदर्शन के बाद आंदोलनकारी पटेल नगर तिराहे पर धरने पर बैठ गए।
टूटी सड़कों और जलभराव से परेशान लोग
व्यापारियों का कहना है कि कस्बे की कई सड़कें लंबे समय से खराब हैं। बारिश के दौरान टूटी सड़कों पर पानी भर जाने से राहगीरों, स्कूली बच्चों और दुकानदारों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। नालियों की समुचित व्यवस्था नहीं होने से जलनिकासी की समस्या भी गंभीर बनी हुई है।इंदरगढ़ क्षेत्र में सड़क और जलनिकासी से जुड़ी समस्याओं को लेकर पहले भी ग्रामीणों के प्रदर्शन की खबरें सामने आती रही हैं। जून 2026 में कलसान क्षेत्र के विसैनेपुर्वा गांव में भी जलभराव और नाली निर्माण की मांग को लेकर ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया था।
विधायक से लेकर मंत्री तक गुहार, फिर भी नहीं मिला समाधान
व्यापारी नेता पंकज गुप्ता के मुताबिक, सड़क और नाला निर्माण की मांग को लेकर क्षेत्रीय विधायक कैलाश राजपूत से चुनाव के दौरान भी आग्रह किया गया था। उनका दावा है कि चुनाव के बाद सड़क निर्माण का भरोसा दिया गया, लेकिन लंबे समय बाद भी समस्या का अपेक्षित समाधान नहीं हुआ।व्यापारियों ने इस समस्या से जुड़े जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के सामने अपनी मांग रखने की बात कही है। उनका कहना है कि इंदरगढ़ की पहचान ऐतिहासिक और व्यापारिक कस्बे के रूप में है, इसलिए यहां मूलभूत सुविधाओं की स्थिति में सुधार होना जरूरी है।
आंदोलनकारियों ने साफ किया- काम शुरू होने तक नहीं हटेंगे
प्रदर्शन के दौरान व्यापारियों और कस्बावासियों ने अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी की। प्रदर्शन समाप्त करने के लिए स्थानीय स्तर पर समझाइश का प्रयास भी किया गया, लेकिन आंदोलनकारियों ने स्पष्ट किया कि सड़क और नाली का काम शुरू होने तक उनका विरोध जारी रहेगा।हसेरन ब्लॉक प्रमुख सीमा शाक्य के पति पुष्पेंद्र शाक्य भी आंदोलन की जानकारी मिलने पर इंदरगढ़ पहुंचे। उन्होंने व्यापारियों से बातचीत कर समस्या के समाधान का भरोसा दिलाते हुए आंदोलन समाप्त करने की अपील की। हालांकि, व्यापारियों ने तत्काल आंदोलन समाप्त करने से इनकार कर दिया।
सड़क बनी तो बदलेगी कस्बे की तस्वीर
व्यापारियों का कहना है कि इंदरगढ़ की पहचान ऐतिहासिक स्थल और लाजवाब छैना मिठाई के लिए भी है। कस्बे के आसपास स्थित ऐतिहासिक स्थल लाख बहोसी पक्षी विहार के कारण भी यहां बाहरी लोगों और पर्यटकों का आवागमन होता है। ऐसे में खराब सड़कें और जलभराव कस्बे की छवि के साथ-साथ स्थानीय व्यापार को भी प्रभावित करते हैं।
अब प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी नजर
फिलहाल व्यापारियों के प्रदर्शन के बाद प्रशासन और संबंधित विभागों पर समस्या के समाधान का दबाव बढ़ गया है। आंदोलनकारियों की मुख्य मांग सड़क और नाला निर्माण शुरू कराने की है। अब देखना होगा कि संबंधित विभाग इस लंबे समय से चली आ रही समस्या के समाधान के लिए कब तक ठोस कदम उठाते हैं।






