
संवाद 24 कन्नौज। कन्नौज के छिबरामऊ में शुक्रवार शाम एक दर्दनाक सड़क हादसे ने परिवार की खुशियां छीन लीं। नगर के पश्चिमी बाईपास पर तेज रफ्तार ट्रक की टक्कर से छह वर्षीय एलकेजी छात्र की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के समय मासूम अपने भाई के साथ साइकिल से बाल कटवाने जा रहा था। घटना के बाद चालक ट्रक समेत मौके से फरार हो गया। मासूम की मौत की सूचना मिलते ही परिजनों और ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। लोगों ने दिल्ली-कानपुर राष्ट्रीय राजमार्ग-34 पर जाम लगा दिया। करीब डेढ़ घंटे तक हाईवे पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित रही। पुलिस अधिकारियों के कार्रवाई के आश्वासन के बाद जाम खुल सका। मृतक की पहचान मैनपुरी जिले के डिंगोरा निवासी शिवनारायण राजपूत के छह वर्षीय पुत्र शुभ सिंह के रूप में हुई है। शुभ अपने बचपन से ही छिबरामऊ क्षेत्र के गिरधरपुर गांव स्थित अपने ननिहाल में रह रहा था और वहीं रहकर पढ़ाई कर रहा था। वह चंद्रावती स्कूल में एलकेजी का छात्र था।
बाल कटवाने निकला था मासूम, रास्ते में काल बनकर आया ट्रक
परिजनों के अनुसार शुक्रवार शाम करीब पांच बजे शुभ अपने भाई कृष के साथ साइकिल से बाल कटवाने के लिए निकला था। दोनों भाई पश्चिमी बाईपास की ओर पहुंचे ही थे कि तेज रफ्तार ट्रक ने उनकी साइकिल को टक्कर मार दी। टक्कर से शुभ गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़ा। हादसे में उसे ऐसी चोटें आईं कि उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया। आसपास मौजूद लोगों ने तत्काल पुलिस को घटना की सूचना दी, लेकिन तब तक ट्रक चालक वाहन लेकर वहां से फरार हो चुका था। घटना के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। कुछ ही देर में परिजन भी घटनास्थल पर पहुंच गए। मासूम का शव देखकर परिवार में कोहराम मच गया।
ननिहाल में रहकर पढ़ रहा था शुभ
शुभ सिंह मूल रूप से मैनपुरी जिले के डिंगोरा गांव का रहने वाला था। वह काफी समय से छिबरामऊ के गिरधरपुर गांव स्थित अपने ननिहाल में रह रहा था। नाना सुरेंद्र उसकी देखभाल करते थे। परिजनों के मुताबिक, शुभ पढ़ाई के साथ सामान्य रूप से अपना बचपन जी रहा था। शुक्रवार को भी वह अपने भाई के साथ सामान्य काम से घर से निकला था, लेकिन कुछ ही देर बाद सड़क हादसे की खबर ने पूरे परिवार को झकझोर दिया। मासूम की मौत की खबर गांव और आसपास के क्षेत्र में पहुंचते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंच गए।
हादसे के बाद NH-34 पर भड़का आक्रोश
घटना से आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने ट्रक चालक की गिरफ्तारी और उसके खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर राष्ट्रीय राजमार्ग-34 पर जाम लगा दिया। जाम लगते ही दिल्ली-कानपुर मार्ग पर दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। हाईवे से गुजरने वाले यात्रियों और वाहन चालकों को काफी देर तक परेशानी का सामना करना पड़ा। ग्रामीणों का कहना था कि मासूम की जान लेने वाले चालक को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए और सड़क पर तेज रफ्तार वाहनों की निगरानी तथा सुरक्षा के प्रभावी इंतजाम किए जाएं।
पुलिस अधिकारियों ने समझाया, डेढ़ घंटे बाद खुला जाम
जाम की सूचना मिलते ही पुलिस अधिकारी और स्थानीय पुलिस बल मौके पर पहुंचा। अधिकारियों ने आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों से बातचीत की तथा उन्हें नियमानुसार कार्रवाई का भरोसा दिलाया। पुलिस अधिकारियों के आश्वासन के बाद करीब डेढ़ घंटे में ग्रामीणों ने जाम खोल दिया। इसके बाद हाईवे पर यातायात धीरे-धीरे सामान्य हो सका। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर छिबरामऊ स्थित सौ शैय्या अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया है। पोस्टमार्टम और अन्य कानूनी प्रक्रियाएं पूरी कराने के बाद शव परिजनों को सौंपा जाएगा।
ट्रक चालक की तलाश में जुटी पुलिस
हादसे के बाद सबसे बड़ी चुनौती फरार ट्रक चालक को पकड़ना है। पुलिस ने ट्रक और उसके चालक की पहचान के लिए आसपास के क्षेत्रों में जानकारी जुटानी शुरू कर दी है। पुलिस हाईवे और आसपास के संभावित मार्गों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल सकती है, ताकि दुर्घटना के बाद भागे ट्रक की पहचान की जा सके। घटनास्थल के आसपास मौजूद लोगों से भी जानकारी जुटाई जा रही है।
फिलहाल चालक की गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
छिबरामऊ से गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग पर सड़क दुर्घटनाओं का मुद्दा पहले भी स्थानीय स्तर पर सामने आता रहा है। हाल के महीनों में भी हाईवे पर ट्रक और अन्य भारी वाहनों से जुड़े हादसों की खबरें सामने आई हैं। जुलाई 2026 में छिबरामऊ क्षेत्र में एक तेज रफ्तार ट्रक की चपेट में आने से एक राहगीर की मौत की रिपोर्ट भी सामने आई थी। इसी तरह पूर्वी बाईपास पर दुर्घटनाओं और यातायात संबंधी समस्याओं को देखते हुए मेजर जंक्शन के निर्माण की मांग भी स्थानीय स्तर पर उठती रही है। रिपोर्टों के अनुसार, क्षेत्र में दुर्घटनाओं और जाम की समस्या को देखते हुए एनएचएआई के स्तर पर जंक्शन निर्माण की योजना पर काम किया गया है। पश्चिमी बाईपास और हाईवे से जुड़े इन हादसों के बीच स्थानीय लोगों के लिए सड़क सुरक्षा एक महत्वपूर्ण मुद्दा बनती जा रही है।
भारी वाहनों की रफ्तार पर नियंत्रण की जरूरत
राष्ट्रीय राजमार्गों पर भारी वाहनों की तेज रफ्तार अक्सर दुर्घटनाओं की गंभीरता बढ़ा देती है। खासकर उन स्थानों पर जहां आबादी, गांवों के संपर्क मार्ग और बाईपास एक-दूसरे से जुड़े होते हैं, वहां पैदल यात्रियों, साइकिल सवारों और दोपहिया वाहन चालकों के लिए जोखिम बढ़ जाता है। छिबरामऊ के पश्चिमी बाईपास पर हुए इस हादसे ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा किया है कि हाईवे के आसपास रहने वाले ग्रामीणों और स्थानीय लोगों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त इंतजाम हैं या नहीं। दुर्घटना के बाद केवल चालक के खिलाफ कार्रवाई ही नहीं, बल्कि हादसे की परिस्थितियों की भी जांच जरूरी है।
एक परिवार का चिराग बुझा, कई सवाल पीछे छोड़ गया हादसा
छह वर्षीय शुभ की मौत ने उसके परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। जिस बच्चे के हाथ में स्कूल की किताबें और खिलौने होने चाहिए थे, उसकी जिंदगी एक सड़क हादसे में खत्म हो गई। परिजनों के लिए यह हादसा केवल एक दुर्घटना नहीं, बल्कि जीवनभर का दर्द बन गया है। ग्रामीणों का आक्रोश भी इसी वजह से सामने आया और उन्होंने हाईवे पर जाम लगाकर प्रशासन से कार्रवाई की मांग की।
अब पुलिस के सामने फरार ट्रक चालक को जल्द तलाशने, दुर्घटना की परिस्थितियों की जांच करने और परिजनों को न्याय दिलाने की चुनौती है। वहीं, इस हादसे ने छिबरामऊ के पश्चिमी बाईपास पर सड़क सुरक्षा और तेज रफ्तार भारी वाहनों की निगरानी को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।






