
संवाद 24 नई दिल्ली। भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस के ऐतिहासिक अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से देश के युवाओं, शिक्षा, खेल, आंतरिक सुरक्षा और अत्याधुनिक तकनीक को लेकर कई युगांतरकारी घोषणाएं की हैं। लगातार 13वीं बार राष्ट्रीय ध्वज फहराने के बाद राष्ट्र को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि 21वीं सदी के भारत को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए आत्मनिर्भरता, वैज्ञानिक सोच और युवा शक्ति को केंद्र में रखकर व्यापक नीतिगत फैसले लिए गए हैं।
1 करोड़ युवाओं को AI प्रशिक्षण और मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग
प्रधानमंत्री ने युवाओं को भविष्य की तकनीकों से जोड़ने के लिए दो बड़ी पहलों की शुरुआत की:
1 करोड़ युवाओं को AI ट्रेनिंग: अगले एक साल के भीतर देश के 1 करोड़ युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का कौशल प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिससे भारत वैश्विक एआई परिदृश्य में अग्रणी बन सके।
मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग: विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं और उच्च शिक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि परिवारों पर वित्तीय बोझ कम हो और प्रतिभाओं को समान अवसर मिल सकें।
ऊर्जा सुरक्षा: 100 GW परमाणु ऊर्जा और 5 नए रिएक्टर
देश की बढ़ती ऊर्जा जरूरतों और स्वच्छ ऊर्जा के लक्ष्यों को पूरा करने के लिए परमाणु ऊर्जा विस्तार की महत्वाकांक्षी योजना प्रस्तुत की गई:
1- 100 गीगावाट का लक्ष्य: वर्ष 2047 तक भारत ने 100 GW परमाणु ऊर्जा क्षमता हासिल करने का रोडमैप तैयार किया है।
2- 5 नए रिएक्टर: इसी दशक के भीतर देश में 5 नए आधुनिक परमाणु रिएक्टर चालू किए जाएंगे।
3- संसद में पारित ‘शांति अधिनियम’ (SHANTI Act) के जरिए इस दिशा में जरूरी नीतिगत और ढांचागत आधार तैयार कर लिया गया है।
खेल प्रतिभा खोज और ओलंपिक 2036 की मजबूत दावेदारी
खेलों के क्षेत्र में देश की बढ़ती साख का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत 2036 के ओलंपिक खेलों की मेजबानी के लिए एक मजबूत और प्रबल दावेदार के रूप में उभर रहा है। इसके साथ ही भारत 2030 में प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय चैंपियनशिप की मेजबानी करेगा। उन्होंने जमीनी स्तर से प्रतिभाओं को तलाशने के लिए राष्ट्रव्यापी ‘खेल प्रतिभा खोज अभियान’ चलाने और खिलाड़ियों को वैश्विक स्तर का प्रशिक्षण, पोषण व चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया।
सेमीकंडक्टर क्रांति और आधुनिक नागरिक सुरक्षा बल
प्रधानमंत्री ने बताया कि डिजिटल युग में चिप्स की अनिवार्यता को देखते हुए भारत सेमीकंडक्टर निर्माण का वैश्विक हब बन रहा है। देश में 3 सेमीकंडक्टर संयंत्र पहले ही काम शुरू कर चुके हैं और आने वाले वर्षों में कई नए संयंत्र चालू होंगे। इसके अतिरिक्त, किसी भी आपात स्थिति या आपदा से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए आधुनिक तकनीकों से लैस एक विशाल ‘नागरिक सुरक्षा स्वयंसेवी बल’ (Civil Defence Network) गठित करने का ऐलान किया गया। लाल किले से हुए इन बड़े ऐलानों ने ऊर्जा आत्मनिर्भरता, युवा सशक्तीकरण और तकनीकी नेतृत्व की दिशा में भारत के दृढ़ संकल्प को पूरी दुनिया के सामने स्पष्ट रूप से रेखांकित किया है।






