
कन्नौज। जिले में प्राथमिक स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं को आधुनिक तकनीक से जोड़ने की दिशा में पहल शुरू हुई है। इसी क्रम में ब्लॉक कन्नौज के आयुष्मान आरोग्य मंदिर मुरैया बुजुर्ग में सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (CHO) के लिए आधुनिक चिकित्सीय उपकरणों के संचालन का प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित तकनीक के माध्यम से मरीजों की जांच को अधिक प्रभावी बनाने की जानकारी दी गई।
AI तकनीक से जांच का तरीका समझाया
प्रशिक्षण के दौरान स्वास्थ्य कर्मियों को आधुनिक उपकरणों के उपयोग और संचालन की व्यावहारिक जानकारी दी गई। इसमें स्टेथोस्कोप, फीटल डॉप्लर और ECG मशीन जैसे उपकरण प्रमुख रहे। प्रशिक्षण का उद्देश्य यह बताया गया कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र स्तर पर उपलब्ध तकनीक का बेहतर इस्तेमाल कर मरीजों की प्रारंभिक जांच को अधिक व्यवस्थित और प्रभावी बनाया जा सके।केंद्र सरकार के आयुष्मान आरोग्य मंदिर कार्यक्रम का उद्देश्य भी समुदाय के नजदीक व्यापक प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। आधिकारिक पोर्टल के अनुसार इन केंद्रों पर गैर-संचारी रोगों की देखभाल, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, मानसिक स्वास्थ्य, आपात स्थिति में प्रथम स्तर की देखभाल और आवश्यक जांच जैसी सेवाओं को मजबूत करने पर जोर दिया जाता है।
पांच आरोग्य मंदिरों के CHO हुए प्रशिक्षित
बताया गया कि प्रशिक्षण में पांच आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में तैनात सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों को AI तकनीक और संबंधित उपकरणों के इस्तेमाल की जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने प्राथमिक स्तर पर मरीजों की जांच करते समय तकनीक के सही उपयोग और प्राप्त संकेतों को समझने के बारे में प्रशिक्षण दिया।इससे गंभीर बीमारी के संभावित मामलों की शुरुआती पहचान में मदद मिलने और आवश्यकता पड़ने पर मरीज को उच्च स्वास्थ्य केंद्र पर समय से रेफर करने की प्रक्रिया को बेहतर बनाने की उम्मीद है।
पुरानी व्यवस्था से आगे बढ़ रही प्राथमिक स्वास्थ्य सेवा
आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और CHO के प्रशिक्षण पर पहले भी जोर दिया जाता रहा है। कन्नौज में वर्ष 2024 की एक रिपोर्ट में भी आयुष्मान आरोग्य मंदिरों पर आंख, नाक-कान-गला, वृद्धावस्था, मानसिक स्वास्थ्य और आकस्मिक ट्रॉमा जैसी अतिरिक्त सेवाओं को मजबूत करने के लिए प्रशिक्षण की जानकारी सामने आई थी।अब आधुनिक जांच उपकरणों और AI आधारित तकनीक को प्रशिक्षण से जोड़ना प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को तकनीकी रूप से मजबूत करने की दिशा में एक और कदम माना जा सकता है।
कार्यक्रम में ये अधिकारी और कर्मचारी रहे मौजूद
प्रशिक्षण कार्यक्रम में डिप्टी सीएमओ डॉ. बृजेश शुक्ला, महिला रोग विशेषज्ञ डॉ. मनप्रीत कौर, फिजियोथेरिपिस्ट डॉ. भूपेश पापने और अजीत कुमार सहित संबंधित आयुष्मान आरोग्य मंदिर के एएनएमओ तथा स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी मौजूद रहे।
समय पर पहचान और रेफरल पर जोर
प्रशिक्षण का सबसे महत्वपूर्ण पहलू प्राथमिक स्तर पर बीमारी की पहचान और समय पर रेफरल व्यवस्था को मजबूत करना रहा। यदि किसी मरीज में गंभीर बीमारी के संकेत शुरुआती जांच में सामने आते हैं तो उसे आवश्यकता के अनुसार उच्च स्वास्थ्य केंद्र भेजा जा सकता है। इससे उपचार में देरी कम करने में मदद मिल सकती है।हालांकि, AI आधारित उपकरण चिकित्सकीय निर्णय का विकल्प नहीं हैं। इनके जरिए प्राप्त जांच संबंधी जानकारी का इस्तेमाल प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मियों और चिकित्सकों की सलाह के साथ किया जाना जरूरी है।
स्वास्थ्य सेवाओं को गांवों के करीब लाने की कोशिश
कन्नौज में आयुष्मान आरोग्य मंदिरों को आधुनिक उपकरणों और तकनीकी प्रशिक्षण से जोड़ने की यह पहल ग्रामीण क्षेत्रों में प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और गुणवत्ता बढ़ाने की कोशिश के रूप में देखी जा रही है। अब महत्वपूर्ण यह होगा कि प्रशिक्षण के बाद इन उपकरणों का नियमित और प्रभावी इस्तेमाल कितनी निरंतरता के साथ किया जाता है और इसका वास्तविक लाभ स्थानीय मरीजों को कितना मिलता है।






