
कन्नौज। अनौगी स्थित जवाहर नवोदय विद्यालय में छात्रों के विरोध के अगले दिन तिर्वा स्थित राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज में प्रशासन ने छात्र सुविधाओं को लेकर सक्रियता बढ़ा दी। शुक्रवार को एसडीएम तिर्वा वैशाली चोपड़ा ने राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज का औचक निरीक्षण कर छात्रावास, मेस, पेयजल और अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया। कॉलेज की आधिकारिक वेबसाइट भी संस्थान को अहेरी-तिर्वा रोड पर स्थित राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज, कन्नौज के रूप में दर्ज करती है।
अचानक कॉलेज पहुंचीं एसडीएम, छात्रों से आमने-सामने बातचीत
निरीक्षण के दौरान एसडीएम ने छात्र-छात्राओं से सीधे संवाद किया और उनकी समस्याओं तथा सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। उन्होंने छात्रों से भोजन, पेयजल और छात्रावास की व्यवस्थाओं को लेकर फीडबैक लिया तथा कॉलेज प्रशासन को आवश्यक सुधार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।एसडीएम का यह निरीक्षण ऐसे समय हुआ है, जब एक दिन पहले कन्नौज के अनौगी स्थित जवाहर नवोदय विद्यालय में छात्रों के सामूहिक विरोध की खबर सामने आई थी। ऐसे में छात्रावासों में रहने वाले विद्यार्थियों की मूलभूत सुविधाओं को लेकर प्रशासन की सक्रियता महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
भोजन की गुणवत्ता पर खास जोर, मेन्यू बोर्ड पर लगाने के निर्देश
निरीक्षण के दौरान एसडीएम ने कॉलेज प्रशासन को निर्देश दिया कि विद्यार्थियों को निर्धारित भोजन रोस्टर के अनुसार खाना उपलब्ध कराया जाए। साथ ही प्रतिदिन का मेन्यू डिस्प्ले बोर्ड पर स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करने को कहा गया, ताकि छात्रों को उपलब्ध कराए जाने वाले भोजन की जानकारी पहले से मिल सके।
उन्होंने भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश देते हुए कहा कि छात्र-छात्राओं को स्वच्छ, पौष्टिक और गुणवत्तापूर्ण भोजन मिलना सुनिश्चित किया जाए।
खराब RO तत्काल ठीक कराने के निर्देश
निरीक्षण के दौरान पेयजल व्यवस्था का भी जायजा लिया गया। कॉलेज में खराब पड़े आरओ को तत्काल दुरुस्त कराने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही छात्रावास में वाटर कूलर की संख्या कम होने की समस्या भी सामने आई।एसडीएम ने विद्यार्थियों की सुविधा को देखते हुए परिसर में अतिरिक्त वाटर कूलर लगाने के निर्देश दिए, ताकि छात्रों को पर्याप्त और सुगम पेयजल उपलब्ध हो सके।
छात्रों की समस्याओं को गंभीरता से लिया जाएगा’
एसडीएम वैशाली चोपड़ा ने छात्रों को भरोसा दिलाया कि उनकी समस्याओं को गंभीरता से लिया जाएगा और संबंधित अधिकारियों के माध्यम से आवश्यक व्यवस्थाओं में सुधार कराया जाएगा। प्रशासन की ओर से छात्रावास और मेस जैसी मूलभूत सुविधाओं पर विशेष निगरानी रखने का संदेश भी दिया गया।वैशाली चोपड़ा इससे पहले भी राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज में आयोजित भू-गर्भ जल जागरूकता कार्यक्रम में शामिल हो चुकी हैं। जुलाई 2026 में उन्होंने कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए जल संरक्षण को महत्वपूर्ण आवश्यकता बताया था।
मिशन शक्ति के तहत छात्राओं को किया जागरूक
निरीक्षण के साथ कॉलेज परिसर में मिशन शक्ति अभियान के तहत जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। इसमें छात्राओं को महिला सुरक्षा, सम्मान, स्वावलंबन और सरकार की विभिन्न महिला कल्याणकारी योजनाओं के बारे में जानकारी दी गई।
अधिकारियों ने छात्राओं से कहा कि किसी भी समस्या या असुरक्षा की स्थिति में वे बिना संकोच अपनी बात संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाएं। कार्यक्रम में सीओ तिर्वा कुलवीर सिंह भी मौजूद रहे।
नवोदय प्रकरण के बाद प्रशासन की बढ़ी सक्रियता
एक दिन पहले नवोदय विद्यालय में छात्रों के विरोध के बाद इंजीनियरिंग कॉलेज में छात्रावास और मेस व्यवस्थाओं का औचक निरीक्षण प्रशासन की सतर्कता को दर्शाता है। हालांकि, इंजीनियरिंग कॉलेज में निरीक्षण के दौरान किसी बड़े विरोध या आंदोलन की स्थिति सामने आने की पुष्टि नहीं हुई है।प्रशासन का जोर फिलहाल छात्रों की शिकायतें सुनने, पेयजल एवं भोजन जैसी मूलभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने और छात्रावास में आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने पर है। राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज ने हाल के वर्षों में शैक्षणिक और प्रशासनिक स्तर पर भी उपलब्धियां दर्ज की हैं; मई 2026 में कॉलेज को ISO 9001:2015 प्रमाणन मिलने की रिपोर्ट सामने आई थी।संवाद 24 की रिपोर्ट: छात्रावास में पर्याप्त पेयजल, गुणवत्तापूर्ण भोजन और बेहतर मूलभूत सुविधाएं किसी भी आवासीय शैक्षणिक संस्थान के लिए महत्वपूर्ण हैं। एसडीएम के औचक निरीक्षण के बाद अब देखना होगा कि दिए गए निर्देशों का धरातल पर कितनी तेजी से पालन होता है और छात्रों को इन व्यवस्थाओं का वास्तविक लाभ कब तक मिलता है।






