
उमर्दा/कन्नौज। उमर्दा ब्लॉक क्षेत्र की चंदौली ग्राम पंचायत के उमगरा गांव में इन दिनों गंदगी और कीचड़ की समस्या ग्रामीणों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है। गलियों में जलभराव और कीचड़ के चलते लोगों को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उपलब्ध अभिलेखों में भी उमगरा को चंदौली ग्राम पंचायत से जुड़ा गांव बताया गया है।
कीचड़ भरी गलियों से निकलने को मजबूर ग्रामीण
ग्रामीणों का कहना है कि बारिश के बाद गांव की कई गलियों में कीचड़ जमा हो जाता है। नियमित सफाई नहीं होने से स्थिति और खराब हो जाती है। लोगों को जरूरी काम से घर से बाहर निकलने के दौरान गंदगी और कीचड़ के बीच से होकर गुजरना पड़ता है।ग्रामीणों के मुताबिक, सफाई व्यवस्था नियमित रूप से सुनिश्चित की जानी चाहिए, ताकि जलभराव और गंदगी के कारण होने वाली परेशानियों से राहत मिल सके।
सफाई व्यवस्था पर उठ रहे सवाल
ग्रामीणों ने गांव में सफाई व्यवस्था की नियमित निगरानी किए जाने की मांग की है। उनका कहना है कि सफाई कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय होने के बावजूद यदि गलियों में लगातार गंदगी बनी रहती है तो व्यवस्था की निगरानी पर सवाल उठना स्वाभाविक है।हालांकि, सफाई कर्मचारियों के भुगतान या सरकारी धन के दुरुपयोग से संबंधित आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध स्रोतों से नहीं हो सकी है। इसलिए इस संबंध में किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले संबंधित विभाग के अभिलेख और जांच रिपोर्ट जरूरी होगी।
ग्रामीणों ने बताई समस्या
ग्रामीण सुभाष, हरिबाबू, रवि और योगेंद्र समेत अन्य लोगों ने गांव में नियमित साफ-सफाई कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि नालियों और गलियों की समय-समय पर सफाई होने से जलभराव और कीचड़ की समस्या काफी हद तक कम हो सकती है।उमगरा गांव में पहले भी विभिन्न स्थानीय समस्याओं को लेकर खबरें सामने आती रही हैं। उपलब्ध समाचार रिपोर्टों में गांव को ठठिया क्षेत्र से संबंधित बताया गया है।
प्रधान ने दिया जल्द सफाई का आश्वासन
मामले को लेकर ग्राम प्रधान प्रमोद कुमार ने जल्द गांव में सफाई व्यवस्था दुरुस्त कराने का आश्वासन दिया है। अब ग्रामीणों की नजर इस बात पर है कि सफाई अभियान कब शुरू होता है और गलियों में जमा कीचड़ व गंदगी से उन्हें कितनी जल्दी राहत मिलती है।
जिम्मेदार विभाग की कार्रवाई पर टिकी नजर
गांव की सफाई व्यवस्था को लेकर उठी शिकायत ने स्थानीय स्तर पर निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं। ऐसे में संबंधित पंचायत और विभागीय अधिकारियों के लिए जरूरी है कि मौके का निरीक्षण कर वास्तविक स्थिति का आकलन करें और आवश्यकता के अनुसार सफाई, जलनिकासी तथा कूड़ा प्रबंधन की व्यवस्था सुनिश्चित करें।संवाद 24 की रिपोर्ट: ग्रामीणों की शिकायत और ग्राम प्रधान के आश्वासन के बीच अब सबसे महत्वपूर्ण सवाल यही है कि उमगरा की गलियों से गंदगी और कीचड़ कब तक साफ होगा। फिलहाल प्रधान ने जल्द सफाई कराने की बात कही है, जबकि सरकारी धन के दुरुपयोग अथवा सफाई कर्मचारियों की लापरवाही के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।






