
कन्नौज। उमर्दा ब्लॉक की पैथाना ग्राम पंचायत के घनेपुरवा गांव में मुख्य सड़क पर जलभराव ने ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। बारिश और जल निकासी की समस्या के कारण सड़क पर पानी जमा होकर तालाब जैसी स्थिति बन गई है। ग्रामीणों का कहना है कि इस रास्ते से रोजाना बड़ी संख्या में लोग और स्कूली बच्चे आवागमन करते हैं, लेकिन लंबे समय से समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका है।
जल निकासी बाधित, सड़क पर जमा हो रहा पानी
ग्रामीणों के मुताबिक सड़क किनारे किसानों की ओर से बनाई गई मिट्टी की मेड़ों के कारण पानी की निकासी प्रभावित हो रही है। इसके अलावा गांव की नाली व्यवस्था भी पर्याप्त नहीं होने की शिकायत सामने आई है। अप्रैल 2026 में प्रकाशित रिपोर्टों में भी घनेपुरवा में मुख्य मार्ग पर जलभराव और नाली व्यवस्था की समस्या का उल्लेख किया गया था।लगातार पानी जमा रहने से सड़क पर गड्ढे, कीचड़ और फिसलन की स्थिति बन गई है। ग्रामीणों के अनुसार दोपहिया वाहन चालकों और पैदल राहगीरों को सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ रही है। स्कूली बच्चों के लिए भी यह मार्ग जोखिम भरा बना हुआ है।
एक नहीं, कई गांवों के लोगों का यही रास्ता
घनेपुरवा की यह सड़क केवल एक गांव तक सीमित नहीं है। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार यह मार्ग घनेपुरवा के अलावा जसापुर्वा, खलकपुरवा, रतनापुर, खरगापुर, रज्जापुरवा, कोठीपुरवा, हांसापुर और बस्ता समेत आसपास के कई गांवों को जोड़ता है। ऐसे में सड़क पर जलभराव का असर बड़ी संख्या में ग्रामीणों के दैनिक आवागमन पर पड़ रहा है।बारिश के दौरान समस्या और गंभीर हो जाती है। ग्रामीणों का कहना है कि पानी के बीच से निकलने के कारण बच्चों और बुजुर्गों को विशेष परेशानी होती है, जबकि बाइक सवारों के फिसलने का खतरा बना रहता है।
कई बार शिकायत, फिर भी समाधान का इंतजार
ग्रामीणों का आरोप है कि समस्या को लेकर उन्होंने कई बार अधिकारियों के समक्ष शिकायतें रखीं। ठठिया समाधान दिवस और तहसील दिवस में भी प्रार्थना पत्र दिए जाने की बात कही गई है। इसके अलावा 8 नवंबर 2025 और 20 नवंबर 2025 को उपजिलाधिकारी को लिखित शिकायत देने का दावा भी ग्रामीणों ने किया है।ग्रामीणों का कहना है कि शिकायतों के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका। उनका आरोप है कि संबंधित विभाग एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालते रहे, जिससे समस्या लंबे समय तक बनी रही।
अधिकारी बोले—मौके पर जांच के बाद होगा समाधान
क्षेत्रीय कानूनगो यज्ञदत्त यादव के अनुसार समस्या की जानकारी संबंधित विकास विभाग को कई बार दी जा चुकी है। उनका कहना है कि ब्लॉक स्तर के अधिकारी के मौके पर पहुंचकर स्थिति देखने के बाद ही समस्या के निस्तारण की दिशा में प्रभावी कार्रवाई हो सकेगीवहीं,उपजिलाधिकारी तिर्वा वैशाली ने बताया कि मामले से उच्च अधिकारियों को अवगत कराया गया है। उन्होंने टीम गठित कर समस्या का निस्तारण कराने का आश्वासन दिया है।
अब सवाल—कब मिलेगी जलभराव से स्थायी राहत?
घनेपुरवा में जलभराव की समस्या कोई नई नहीं दिखाई देती। अप्रैल में प्रकाशित रिपोर्टों में भी मुख्य मार्ग पर पानी जमा होने और नाली व्यवस्था ध्वस्त होने की समस्या सामने आई थी। इससे संकेत मिलता है कि जल निकासी की समस्या लंबे समय से बनी हुई है।अब ग्रामीणों की नजर प्रशासन की प्रस्तावित कार्रवाई पर है। यदि सड़क से पानी की निकासी के साथ नाली और जल निकास की स्थायी व्यवस्था नहीं की गई, तो आने वाली बारिश में स्थिति और गंभीर हो सकती है। फिलहाल प्रशासन के आश्वासन के बाद ग्रामीणों को उम्मीद है कि समस्या का समाधान कागजों से निकलकर जमीन पर दिखाई देगा।






