
कन्नौज/छिबरामऊ। छिबरामऊ विकासखंड क्षेत्र की ग्राम पंचायत भाऊलपुर स्थित गौशाला में गौवंश की देखभाल को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। यहां एक गौवंश के करीब पांच दिनों से बीमार हालत में जमीन पर पड़े होने की जानकारी सामने आई है। ग्रामीणों का कहना है कि उपचार के बावजूद उसकी हालत में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ है। मामले को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी है।
26 गौवंशों में दो की हालत गंभीर होने का दावा
जानकारी के अनुसार, भाऊलपुर गौशाला में कुल 26 गौवंश संरक्षित हैं। इनमें से दो की हालत गंभीर बताई जा रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि गौशाला में बीमार गौवंशों की समय पर और समुचित देखभाल नहीं हो रही है। उनका यह भी दावा है कि यहां पहले भी गौवंशों की मौत होने की घटनाएं सामने आती रही हैं। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
सूखा भूसा मिलने की शिकायत, दाना होने के बावजूद नहीं देने का आरोप
ग्रामीणों ने गौशाला में चारे की व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि बीमार गौवंश को फिलहाल मुख्य रूप से सूखा भूसा दिया जा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि गौशाला में दाना उपलब्ध होने के बावजूद सभी गौवंशों को उसका नियमित लाभ नहीं मिल रहा है।गौशालाओं में चारा, पानी और नियमित पशु चिकित्सा व्यवस्था को लेकर प्रशासनिक स्तर पर लगातार निगरानी की जरूरत रहती है। कन्नौज में पूर्व में भी अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने गौशालाओं में साफ-सफाई, हरे चारे, दाना-पानी तथा पशु चिकित्सा व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश दिए हैं।
निरीक्षण के दौरान केयरटेकर नहीं मिला
मौके के निरीक्षण के दौरान गौशाला का केयरटेकर मुकेश अनुपस्थित मिला। उसके बेटे की ओर से बताया गया कि पशु चिकित्सक बीमार गौवंश का उपचार कर रहे हैं और उसे बोतल भी लगाई जा रही है, लेकिन उसकी स्थिति में सुधार नहीं हो पा रहा है।इस बीच केयरटेकर की अनुपस्थिति और भोजन-चारे से संबंधित शिकायतों ने गौशाला की व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
ग्राम पंचायत सचिव ने माना—दाना उपलब्ध है
मामले में ग्राम पंचायत सचिव गौरीशंकर तिवारी का कहना है कि बीमार गौवंश का पशु चिकित्सक लगातार उपचार कर रहे हैं। उन्होंने बीमारी के कारण स्वास्थ्य में सुधार नहीं होने की बात कही। साथ ही यह भी बताया कि गौशाला में दाना उपलब्ध है, लेकिन केयरटेकर मुकेश की ओर से उसे गौवंशों को नहीं दिए जाने की शिकायत सामने आई है।यदि यह बात जांच में सही पाई जाती है तो मामला सीधे तौर पर गौवंशों की भोजन व्यवस्था और देखभाल से जुड़ी लापरवाही का बन सकता है।
बीडीओ ने तत्काल जांच और कार्रवाई का दिया भरोसा
मामले की जानकारी मिलने के बाद खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) दीपांकर आर्य ने पशु चिकित्सक को भेजकर बीमार गौवंश का तत्काल स्वास्थ्य परीक्षण कराने का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि यदि जांच में केयरटेकर की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
अब जांच से साफ होगी गौशाला की असली तस्वीर
भाऊलपुर गौशाला में सामने आया मामला इसलिए गंभीर है क्योंकि यहां एक बीमार गौवंश के कई दिनों से जमीन पर पड़े होने और दो गौवंशों की हालत गंभीर होने की बात कही जा रही है। दूसरी ओर, ग्राम पंचायत स्तर से उपचार जारी होने की बात कही गई है।ऐसे में प्रशासनिक जांच में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि गौशाला में चारे की वास्तविक उपलब्धता, भोजन वितरण, स्वच्छता, पेयजल, पशु चिकित्सा और बीमार गौवंशों की निगरानी की व्यवस्था कैसी है। साथ ही यदि केयरटेकर पर लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं तो जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई भी जरूरी होगी।






