तिर्वा मेडिकल कॉलेज की मोर्चरी में फ्रीजर खराब, भीषण गर्मी में शवों की सुरक्षा पर सवाल

कन्नौज/तिर्वा। बाबा साहब डॉ. भीमराव रामजी आंबेडकर राजकीय मेडिकल कॉलेज, तिर्वा की मोर्चरी में लगा शव संरक्षण फ्रीजर खराब होने से व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े हो गए हैं। भीषण गर्मी के बीच फ्रीजर काम नहीं करने से शवों को सुरक्षित रखने में परिजनों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थिति ऐसी है कि कुछ मामलों में परिजन शव को सुरक्षित रखने के लिए बाहर से बर्फ का सहारा लेने को मजबूर हैं।

दो शव रखने की क्षमता, लेकिन खराब पड़ा है फ्रीजर

मेडिकल कॉलेज की मोर्चरी में शवों को कुछ समय तक सुरक्षित रखने के लिए फ्रीजर की व्यवस्था की गई है। बताया जा रहा है कि इस फ्रीजर में एक साथ दो शव रखे जा सकते हैं। फ्रीजर खराब होने के कारण गर्मी के मौसम में शवों को सुरक्षित रखने की व्यवस्था प्रभावित हो रही है। इससे मोर्चरी में दुर्गंध की समस्या भी सामने आने की बात कही जा रही है।

अस्पताल में मौत से लेकर हादसों के शव तक पहुंचते हैं यहां

तिर्वा मेडिकल कॉलेज की मोर्चरी में उपचार के दौरान मृत मरीजों के शव रखे जाते हैं। इसके अलावा तिर्वा क्षेत्र के ठठिया, इंदरगढ़ समेत आसपास के इलाकों में होने वाले हादसों में मृत लोगों के शव भी आवश्यक कानूनी प्रक्रिया और पंचनामा के बाद यहां लाए जाते हैं। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया के दौरान शवों को सुरक्षित रखना मोर्चरी की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होती है।

गर्मी में बढ़ी परिजनों की मुश्किलें

फ्रीजर खराब होने के बाद सबसे अधिक परेशानी उन परिवारों को उठानी पड़ रही है, जिन्हें पोस्टमार्टम या अन्य औपचारिकताओं के कारण शव को कुछ समय तक मोर्चरी में रखना पड़ता है। परिजनों के सामने शव को सुरक्षित रखने की चिंता खड़ी हो जाती है। बताया जा रहा है कि कुछ लोग बर्फ की मदद से शव को सुरक्षित रखने का प्रयास कर रहे हैं।

शॉर्ट सर्किट से खराब हुआ फ्रीजर, CMS ने जल्द ठीक कराने का दिया भरोसा

मामले को लेकर मेडिकल कॉलेज के सीएमएस डॉ. दिलीप सिंह ने बताया कि मोर्चरी का फ्रीजर शॉर्ट सर्किट के कारण खराब हुआ है। उनके मुताबिक, खराबी दूर करने के लिए मैकेनिक को बुलाया गया है और फ्रीजर को जल्द ही ठीक करा दिया जाएगा।मेडिकल कॉलेज से संबंधित उपलब्ध पूर्व प्रकाशित रिपोर्टों में भी सीएमएस डॉ. दिलीप सिंह का नाम प्रशासनिक/चिकित्सकीय गतिविधियों में सामने आता है।

मरम्मत में देरी हुई तो बढ़ सकती है परेशानी

मोर्चरी में शव संरक्षण की व्यवस्था स्वास्थ्य सेवाओं का संवेदनशील हिस्सा है। खासकर गर्मी के मौसम में फ्रीजर के लंबे समय तक खराब रहने से शवों को सुरक्षित रखने में मुश्किल बढ़ सकती है। ऐसे में जरूरी है कि तकनीकी खराबी को जल्द दूर कर फ्रीजर को दोबारा चालू कराया जाए, ताकि मृतकों के परिजनों को अनावश्यक परेशानी न उठानी पड़े।

Shivpratap Singh
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