कड़ेरा पट्टी में बिजली कनेक्शन के नाम पर रिश्वत का आरोप, जेई निलंबित

कन्नौज। जनपद कन्नौज के कड़ेरा पट्टी क्षेत्र में विद्युत विभाग के एक जूनियर इंजीनियर पर बिजली कनेक्शन जोड़ने के नाम पर रिश्वत मांगने का गंभीर आरोप सामने आया है। मामले में शिकायतकर्ता ने संबंधित जेई पर पहले 28 हजार रुपये की मांग करने, बाद में 25 हजार रुपये लेने और शेष तीन हजार रुपये की मांग जारी रखने का आरोप लगाया है। शिकायत के साथ कथित बातचीत की ऑडियो रिकॉर्डिंग भी उपलब्ध कराई गई, जिसके बाद मामला उच्च स्तर तक पहुंचा।

ट्रांसफार्मर से कनेक्शन जोड़ने के नाम पर मांगी रकम

समाज कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) के कार्यालय से 12 अगस्त 2026 को जारी पत्र के अनुसार, कड़ेरा पट्टी क्षेत्र के निवासी राज नारायण ने विद्युत विभाग के जूनियर इंजीनियर छंगा राम के संबंध में शिकायत की। शिकायत में कहा गया है कि ट्रांसफार्मर से कनेक्शन जोड़ने के लिए कथित रूप से 28 हजार रुपये की मांग की गई थी।शिकायतकर्ता के अनुसार, बाद में 25 हजार रुपये दिए गए, लेकिन इसके बावजूद तीन हजार रुपये और मांगे गए। शिकायत में आरोप है कि निर्धारित रकम नहीं दिए जाने पर बिजली कनेक्शन से संबंधित कार्रवाई प्रभावित की गई।

ऑडियो रिकॉर्डिंग ने बढ़ाई मामले की गंभीरता

इस प्रकरण में शिकायतकर्ता की ओर से कथित लेन-देन से संबंधित ऑडियो रिकॉर्डिंग भी उपलब्ध कराई गई। मंत्री कार्यालय को भेजे गए पत्र में स्पष्ट रूप से उल्लेख है कि ऑडियो रिकॉर्डिंग का क्यूआर कोड भी शिकायत के साथ उपलब्ध कराया गया है।यही ऑडियो रिकॉर्डिंग मामले में महत्वपूर्ण साक्ष्य के रूप में सामने आई है। हालांकि, अंतिम रूप से आरोपों की पुष्टि विभागीय जांच के निष्कर्षों के आधार पर ही होगी।

मंत्री कार्यालय ने लिया संज्ञान

शिकायत सामने आने के बाद मामला समाज कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण के संज्ञान में पहुंचा। उनके कार्यालय की ओर से 12 अगस्त को दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड, कन्नौज के अधिशासी अभियंता को पत्र भेजकर पूरे प्रकरण की गंभीरता से जांच कराने के निर्देश दिए गए।पत्र में संबंधित अवर अभियंता के विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्रवाई करने और की गई कार्रवाई से 17 अगस्त 2026 तक अवगत कराने के लिए कहा गया है।

भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस का संदेश

मंत्री कार्यालय की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि मुख्यमंत्री की भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति के बावजूद किसी सरकारी कर्मचारी द्वारा खुलेआम रिश्वत की मांग किया जाना गंभीर एवं आपत्तिजनक है। पत्र में मामले की गहन जांच कर दोषी पाए जाने वाले अधिकारी के विरुद्ध कठोर कार्रवाई किए जाने को कहा गया है।

शिकायत के बाद जेई पर निलंबन की कार्रवाई

मामले में उपलब्ध समाचार रिपोर्ट के अनुसार, दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के अधिकारियों ने शिकायत के बाद संबंधित जूनियर इंजीनियर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। रिपोर्ट में बताया गया कि शिकायत और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर विभागीय स्तर पर यह कार्रवाई की गई।हालांकि, निलंबन को विभागीय कार्रवाई के रूप में देखा जाना चाहिए और शिकायत में लगाए गए रिश्वत के आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही मानी जाएगी।

बिजली कनेक्शन के लिए उपभोक्ताओं से अवैध वसूली पर उठे सवाल

इस मामले ने एक बार फिर बिजली विभाग में उपभोक्ताओं से जुड़े कार्यों में कथित अनियमितताओं और अवैध वसूली की शिकायतों पर सवाल खड़े किए हैं। बिजली कनेक्शन, ट्रांसफार्मर, लाइन जोड़ने और अन्य तकनीकी कार्यों के लिए उपभोक्ताओं को निर्धारित सरकारी शुल्क के अतिरिक्त किसी प्रकार की रकम मांगने की शिकायतें सामने आने पर विभागीय स्तर पर जांच आवश्यक हो जाती है।कड़ेरा पट्टी प्रकरण में शिकायतकर्ता द्वारा ऑडियो रिकॉर्डिंग उपलब्ध कराए जाने और उसके बाद विभागीय कार्रवाई होने से मामला और महत्वपूर्ण हो गया है।

अब जांच के निष्कर्ष पर टिकी निगाहें

फिलहाल इस पूरे मामले में सबसे महत्वपूर्ण सवाल यही है कि शिकायत में लगाए गए आरोप और उपलब्ध ऑडियो रिकॉर्डिंग की जांच में क्या निष्कर्ष सामने आता है। मंत्री कार्यालय ने 17 अगस्त तक कार्रवाई से अवगत कराने के निर्देश दिए हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में विभागीय जांच की रिपोर्ट और आगे की कार्रवाई पर सभी की निगाहें रहेंगी।संवाद 24 की तथ्यात्मक टिप्पणी: इस समाचार में रिश्वत से संबंधित आरोपों को शिकायत और उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर आरोप के रूप में प्रस्तुत किया गया है। संबंधित अधिकारी के दोषी होने का अंतिम निष्कर्ष सक्षम विभागीय/कानूनी जांच के बाद ही माना जाएगा।

Shivpratap Singh
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