
कन्नौज के तिर्वा कोतवाली क्षेत्र के धरमंगदपुर गांव में करीब तीन वर्ष पहले हुई मनोज कुमार की हत्या के मामले में अदालत ने उसकी पत्नी संध्या और उसके प्रेमी अजय को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने दोनों पर 10-10 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। मामले में पुलिस की विवेचना के दौरान सामने आए साक्ष्यों और अभियोजन पक्ष की ओर से प्रस्तुत गवाहियों के आधार पर अदालत ने दोनों को हत्या का दोषी माना।
हत्या के बाद पत्नी ने दर्ज कराई थी अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट
मामला 26 जून 2023 की रात का बताया गया है। धरमंगदपुर निवासी मनोज कुमार की धारदार हथियार से हमला कर हत्या कर दी गई थी। घटना के बाद उसकी पत्नी संध्या ने पुलिस को तहरीर देकर अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। शुरुआती तौर पर पुलिस ने मामले को अज्ञात हमलावर से जुड़ा मानकर जांच आगे बढ़ाई।
बयानों और घटनास्थल के साक्ष्यों से बदली जांच की दिशा
विवेचना के दौरान पुलिस को मृतक की पत्नी के बयानों और घटनास्थल से मिले साक्ष्यों में कथित तौर पर विरोधाभास मिले। इसके बाद पुलिस ने संध्या से पूछताछ की। पुलिस के अनुसार पूछताछ के दौरान उसका फिरोजपुर गांव निवासी अजय के साथ प्रेम संबंध होने की जानकारी सामने आई और जांच की दिशा अज्ञात हमलावर से हटकर परिचित लोगों की भूमिका की ओर मुड़ी।
पुलिस ने प्रेमी को भी जांच के दायरे में लिया
पुलिस के अनुसार, जांच के दौरान अजय को भी हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। विवेचना में पुलिस ने दोनों पर मिलकर मनोज की हत्या करने का आरोप लगाया। इसके बाद पुलिस ने हत्या और साक्ष्य मिटाने से संबंधित धाराओं में दोनों के खिलाफ आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया।
खेत से बरामद किए गए थे कथित हत्या के हथियार
पुलिस के मुताबिक अजय की निशानदेही पर घर के पीछे स्थित खेत से खून से सना डंडा और लोहे का गड़ासा बरामद किया गया था। इन हथियारों को विवेचना में महत्वपूर्ण साक्ष्य के रूप में शामिल किया गया। फोरेंसिक जांच में हथियारों से प्राप्त रक्त के नमूनों का मृतक से मिलान किए जाने की बात भी सामने आई।
अभियोजन के साक्ष्यों पर अदालत ने सुनाया फैसला
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने न्यायालय के समक्ष गवाहों और विवेचना से संबंधित साक्ष्य प्रस्तुत किए। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वितीय की अदालत ने संध्या और अजय को मनोज कुमार की हत्या का दोषी करार दिया।अदालत ने दोनों को आजीवन कारावास की सजा सुनाने के साथ ही 10-10 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। करीब तीन वर्ष तक चली कानूनी प्रक्रिया के बाद आए इस फैसले से मामले में न्यायिक स्तर पर कार्रवाई पूरी हुई।






