
संवाद 24 | कन्नौज। सावन मास में कन्नौज के प्रमुख धार्मिक आयोजनों में शामिल होने वाले विशाल कांवड़िया भंडारे की तैयारियां तेज हो गई हैं। बाबा गौरीशंकर कांवरिया सेवा मंडल ने 21 अगस्त को आयोजित होने वाले 15वें विशाल कांवड़िया भंडारे की तैयारियों के लिए बड़ा बाजार स्थित रामजानकी मंदिर में बैठक आयोजित कर नई कार्यकारिणी का गठन किया। इस दौरान आयोजन को सुव्यवस्थित और भव्य बनाने के लिए विभिन्न पदों पर पदाधिकारियों का चयन सर्वसम्मति से किया गया। कन्नौज का सिद्धपीठ बाबा गौरीशंकर मंदिर सावन में हजारों शिवभक्तों की आस्था का प्रमुख केंद्र माना जाता है।
सर्वसम्मति से चुनी गई नई कार्यकारिणी
बैठक में चंद्रशेखर पटवा (रिंपू भइया) को अध्यक्ष, संजय शाह को उपाध्यक्ष, गौरव वर्मा (कालू भइया) और कमल मेहरोत्रा को कोषाध्यक्ष, शिवांक बाजपेयी को मंत्री, विपिन गुप्ता एवं बृजकिशोर (लल्ला भइया) को उपमंत्री, रामशंकर वैश्य (पप्पू भइया) और राजेंद्र प्रसाद त्रिवेदी को संरक्षक तथा सुशील कुमार पाण्डेय को व्यवस्थापक चुना गया। नवनियुक्त पदाधिकारियों का सदस्यों ने माल्यार्पण कर स्वागत किया और आयोजन को सफल बनाने का संकल्प लिया।
भोजन से लेकर विश्राम तक की रहेगी व्यापक व्यवस्था
समिति के अनुसार 21 अगस्त को शहर के बोर्डिंग ग्राउंड में आयोजित होने वाले इस विशाल भंडारे में हजारों शिवभक्तों और कांवड़ियों के लिए भोजन, जलपान, शीतल पेयजल, विश्राम तथा अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की जाएगी। आयोजन को लेकर स्वयंसेवकों को विभिन्न जिम्मेदारियां भी सौंपी गई हैं, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
हरदोई के बिलग्राम से पहुंचेगा विशाल शिवभक्तों का जत्था
आयोजकों के अनुसार सावन के दौरान हरदोई जिले के बिलग्राम क्षेत्र से लगभग 50 हजार शिवभक्त और कांवड़ियों का जत्था कन्नौज पहुंचता है। बाबा गौरीशंकर कांवरिया सेवा मंडल के पदाधिकारी मेहंदी घाट पर श्रद्धालुओं का स्वागत करेंगे और वहां से उन्हें सिद्धपीठ बाबा गौरीशंकर मंदिर तक जलाभिषेक के लिए लेकर जाएंगे। कांवड़ यात्रा के दौरान शहर में विभिन्न स्थानों पर स्वागत और सेवा की परंपरा वर्षों से चली आ रही है।
15 वर्षों से निभाई जा रही सेवा की परंपरा
बाबा गौरीशंकर कांवरिया सेवा मंडल पिछले 15 वर्षों से लगातार कांवड़ियों के लिए विशाल भंडारे का आयोजन करता आ रहा है। यह आयोजन अब कन्नौज के प्रमुख धार्मिक आयोजनों में शुमार हो चुका है, जिसमें स्थानीय नागरिक, समाजसेवी और स्वयंसेवक बढ़-चढ़कर भाग लेते हैं। बैठक में आनंद कुमार दुबे, पवन पाण्डेय, गोपाल पाण्डेय, शिवम दुबे, रक्षक मल्होत्रा, विप्पु दुबे, गोविंद पाण्डेय सहित अनेक सदस्य उपस्थित रहे। वर्षों से यह आयोजन कांवड़ सेवा और सामाजिक सहभागिता का महत्वपूर्ण उदाहरण माना जाता है।






