
संवाद 24 | तिर्वा (कन्नौज)। इंदरगढ़ थाना क्षेत्र के उमर्दा कस्बे में स्थित अस्थायी गोशाला में जलभराव और अव्यवस्थाओं के कारण गोवंशों की स्थिति चिंताजनक हो गई है। बुधवार सुबह एक गाय और एक बछड़े की मौत हो जाने से स्थानीय स्तर पर हड़कंप मच गया। वहीं गोशाला में मौजूद करीब 110 गोवंशों पर बीमारी का खतरा मंडराने लगा है। लगातार जलभराव और पर्याप्त सुविधाओं के अभाव ने पशुओं के स्वास्थ्य पर गंभीर असर डाला है।
हल्की बारिश में भर जाता है पानी, बैठने तक की नहीं बचती जगह
जानकारी के अनुसार गोशाला परिसर में जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने से हल्की बारिश के बाद भी पानी भर जाता है। इससे गोवंशों को सूखी जगह नहीं मिल पाती और उन्हें गीले वातावरण में रहने को मजबूर होना पड़ता है। पशु विशेषज्ञों के अनुसार लंबे समय तक जलभराव की स्थिति पशुओं में संक्रमण और अन्य बीमारियों का जोखिम बढ़ा सकती है।
हरा चारा नहीं, सूखे भूसे के सहारे गुजर-बसर
गोशाला के केयरटेकर मंगल सिंह के अनुसार गोवंशों को पर्याप्त हरा चारा उपलब्ध नहीं हो पा रहा है और वे केवल सूखे भूसे के सहारे हैं। उन्होंने बताया कि जलभराव की समस्या से ग्राम प्रधान और सचिव को कई बार अवगत कराया गया था। बुधवार सुबह एक गाय और एक बछड़े की मौत हो गई, जबकि एक अन्य बीमार गोवंश का उपचार कराया जा रहा है।
पशु चिकित्सक बोले—प्रतिदिन हो रहा उपचार
पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रशांत वर्मा ने बताया कि जलभराव के कारण कई गोवंश बीमार हुए हैं। चिकित्सकीय टीम प्रतिदिन गोशाला पहुंचकर बीमार पशुओं का उपचार कर रही है ताकि बीमारी का फैलाव रोका जा सके।
बीडीओ ने दिए स्थायी समाधान के निर्देश
खंड विकास अधिकारी सोनिया श्रीवास्तव ने बताया कि सचिव के फेरबदल के कारण व्यवस्थाएं प्रभावित हुई थीं। उन्होंने कहा कि नव नियुक्त सचिव को तत्काल जल निकासी की व्यवस्था कराने तथा बाद में भराव कार्य कराकर समस्या का स्थायी समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
पहले भी उठ चुके हैं गोशालाओं की व्यवस्थाओं पर सवाल
कन्नौज जिले की विभिन्न गोशालाओं में चारा, स्वच्छता और रखरखाव को लेकर पहले भी निरीक्षणों में कमियां सामने आ चुकी हैं। प्रशासन समय-समय पर व्यवस्थाएं सुधारने के निर्देश देता रहा है, लेकिन बरसात के मौसम में जलभराव जैसी समस्याएं कई गो-आश्रय स्थलों के लिए चुनौती बनी हुई हैं।






