
उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ ने अपनी लंबित मांगों को लेकर आंदोलन की चेतावनी दी है। शनिवार को तिर्वा तहसील दिवस के दौरान लेखपाल संघ के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) को राजस्व परिषद अध्यक्ष के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपते हुए मांगों पर शीघ्र निर्णय लेने की अपील की। संघ ने स्पष्ट किया कि यदि समय रहते समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो 5 अगस्त से अतिरिक्त हल्कों का कार्य पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा।
अतिरिक्त हल्कों का कार्य छोड़ने की चेतावनी
तहसील लेखपाल संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि प्रांतीय संगठन के निर्देश पर यह निर्णय लिया गया है। वर्तमान में कई लेखपाल अपने मूल कार्यक्षेत्र के साथ अतिरिक्त हल्कों का भी कार्य देख रहे हैं। संघ का कहना है कि मांगें पूरी न होने की स्थिति में 5 अगस्त को अतिरिक्त हल्कों से संबंधित अभिलेख रजिस्ट्रार कानूनगो कार्यालय में जमा कर दिए जाएंगे और लेखपाल केवल अपने मूल हल्के में ही कार्य करेंगे।
गृह मंडल में स्थानांतरण और पदोन्नति की उठी मांग
ज्ञापन में कहा गया है कि गृह मंडल में स्थानांतरण के लिए लंबे समय से दिए गए अनेक आवेदन लंबित हैं, जिससे कई लेखपाल अपने घरों से सैकड़ों किलोमीटर दूर सेवाएं देने को विवश हैं। संघ ने लंबित स्थानांतरण आवेदनों पर शीघ्र निर्णय लेने के साथ-साथ पात्र लेखपालों की पदोन्नति प्रक्रिया भी जल्द पूरी करने की मांग की है।
स्टेशनरी भत्ता बढ़ाने और प्रशिक्षण परिणाम जारी करने की मांग
लेखपाल संघ ने स्टेशनरी भत्ते को वर्तमान 100 रुपये प्रतिमाह से बढ़ाकर 500 रुपये प्रतिमाह किए जाने की मांग दोहराई। इसके अलावा वर्ष 2024 में चयनित लेखपालों की प्रशिक्षण परीक्षा का परिणाम एवं प्रमाण-पत्र अब तक जारी न होने पर भी नाराजगी व्यक्त की गई। संघ ने इन दोनों प्रक्रियाओं को शीघ्र पूरा करने की मांग प्रशासन के समक्ष रखी।
कई लेखपाल रहे मौजूद
ज्ञापन सौंपने के दौरान अर्पित कटियार, शोभित, सद्दाम, आयुष, तपन मिश्रा, बृजेश अग्निहोत्री सहित बड़ी संख्या में लेखपाल उपस्थित रहे। संघ का कहना है कि यदि मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं होती है तो आगामी दिनों में आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जा सकता है।






