
संवाद 24 डेस्क। इंग्लैंड के खिलाफ चौथे टी20 मुकाबले में मिली हार के बाद भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने टीम के प्रदर्शन को लेकर खुलकर अपनी राय रखी। उन्होंने माना कि टीम इस समय बदलाव के दौर से गुजर रही है और ऐसे समय में उतार-चढ़ाव आना स्वाभाविक है। कप्तान ने साफ कहा कि खिलाड़ियों को हर मैच से सीख लेकर आगे बढ़ना होगा, क्योंकि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में छोटी-छोटी गलतियां भी भारी पड़ जाती हैं।
159 रन का स्कोर, यहीं से बिगड़ गई पूरी कहानी
भारतीय टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए सम्मानजनक स्कोर खड़ा किया, लेकिन यह लक्ष्य इंग्लैंड जैसी मजबूत बल्लेबाजी लाइनअप के सामने पर्याप्त साबित नहीं हुआ। शुरुआती विकेट लेने के बावजूद भारतीय गेंदबाज मैच पर पकड़ नहीं बना सके और मेजबान बल्लेबाजों ने तेजी से रन बनाकर मुकाबला अपने नाम कर लिया।
कप्तान ने खुद मानी बल्लेबाजी की सबसे बड़ी कमी
मैच खत्म होने के बाद श्रेयस अय्यर ने स्वीकार किया कि टीम बल्लेबाजी में उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सकी। उनका मानना था कि यदि शुरुआती ओवरों में अधिक रन बनते और बीच के ओवरों में साझेदारियां लंबी रहतीं, तो मुकाबले की तस्वीर पूरी तरह अलग हो सकती थी। उन्होंने कहा कि टीम को बड़े स्कोर बनाने की मानसिकता विकसित करनी होगी।
ट्रांजिशन फेज का जिक्र कर दिया बड़ा संदेश
श्रेयस अय्यर ने कहा कि भारतीय टीम में कई युवा खिलाड़ी लगातार मौके पा रहे हैं और नई टीम को एक मजबूत इकाई बनने में समय लगता है। उन्होंने खिलाड़ियों का समर्थन करते हुए कहा कि गलतियां होंगी, लेकिन सबसे जरूरी बात यह है कि उनसे सीखकर अगले मैच में बेहतर प्रदर्शन किया जाए। कप्तान ने भरोसा जताया कि यह टीम आने वाले समय में शानदार नतीजे देगी।
इंग्लैंड ने दिखाया क्यों है दुनिया की सबसे खतरनाक टीम
लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लैंड की टीम ने शुरुआत से ही आक्रामक रवैया अपनाया। भारतीय गेंदबाजों को कोई बड़ा मौका नहीं मिला और मेजबान बल्लेबाजों ने तेज रनगति बनाए रखते हुए मुकाबला एकतरफा बना दिया। भारतीय टीम लगातार दबाव में रही और वापसी का मौका नहीं बना सकी।
हार के बाद भी कप्तान ने नहीं छोड़ा खिलाड़ियों का साथ
श्रेयस अय्यर ने हार का ठीकरा किसी एक खिलाड़ी पर नहीं फोड़ा। उन्होंने कहा कि क्रिकेट टीम गेम है और जीत-हार की जिम्मेदारी पूरे दल की होती है। कप्तान ने खिलाड़ियों से सकारात्मक सोच बनाए रखने और अगले मुकाबले में पूरे आत्मविश्वास के साथ उतरने की अपील की।
अब आखिरी मुकाबले में सम्मान बचाने की जंग
सीरीज का परिणाम भले ही भारत के पक्ष में नहीं रहा हो, लेकिन आखिरी मुकाबला टीम इंडिया के लिए प्रतिष्ठा की लड़ाई होगा। खिलाड़ी जीत के साथ दौरे का समापन करना चाहेंगे, जबकि टीम प्रबंधन की नजर बेहतर संयोजन और युवा खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर रहेगी। ऐसे में अंतिम टी20 मुकाबला दोनों टीमों के लिए बेहद अहम माना जा रहा है।






