
मरम्मत कार्य के चलते शहर के कई इलाकों में थमी बिजली
फर्रुखाबाद में शनिवार को भीषण गर्मी के बीच बिजली कटौती ने लोगों की परेशानियां बढ़ा दीं। भोलेपुर और लकूला विद्युत उपकेंद्रों पर चल रहे मरम्मत और तकनीकी कार्यों के कारण शहर के 12 से अधिक मोहल्लों में घंटों तक बिजली आपूर्ति बाधित रही। दिनभर उमस और तेज गर्मी से जूझ रहे लोगों को बिजली न मिलने से काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। हालांकि देर शाम तक अधिकांश क्षेत्रों में आपूर्ति बहाल कर दी गई।
भोलेपुर उपकेंद्र से जुड़े इलाकों में तीन घंटे तक अंधेरा
विद्युत निगम के कर्मचारियों ने भोलेपुर स्थित नए विद्युत उपकेंद्र पर आवश्यक मरम्मत कार्य किया। इसके चलते नेकपुर-84, केशवनगर समेत आसपास के कई मोहल्लों की बिजली करीब तीन घंटे तक बंद रखी गई। निगम के अधिकारियों के अनुसार, लाइनों के रखरखाव और तकनीकी सुधार के लिए यह कार्य जरूरी था, ताकि भविष्य में बार-बार होने वाली बाधाओं को कम किया जा सके।
लकूला उपकेंद्र के उपभोक्ता सबसे अधिक प्रभावित
लकूला विद्युत उपकेंद्र से जुड़े करीब सात मोहल्लों के लोगों को शाम तक बिजली का इंतजार करना पड़ा। उपभोक्ताओं का कहना है कि उन्हें केबल बदलने और फाल्ट ठीक करने की जानकारी दी गई थी, लेकिन लंबे समय तक बिजली न आने से घरेलू कामकाज और दैनिक दिनचर्या प्रभावित हुई। भीषण गर्मी में छोटे बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों को सबसे ज्यादा परेशानी झेलनी पड़ी।
कादरी गेट क्षेत्र के लोगों का फूटा गुस्सा
लकूला उपकेंद्र से जुड़े कादरी गेट इलाके के उपभोक्ताओं ने बताया कि लगातार दूसरे दिन बिजली संकट का सामना करना पड़ा। उनका कहना है कि शुक्रवार को भी करीब पांच घंटे तक बिजली आपूर्ति बाधित रही थी। लगातार हो रही कटौती के कारण लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है और उन्होंने स्थायी समाधान की मांग की है।
कायमगंज में चूहे की वजह से ठप हुई सप्लाई
जिले के कायमगंज क्षेत्र में बिजली बाधित होने का कारण तकनीकी नहीं, बल्कि एक चूहा बना। जानकारी के अनुसार, चूहा मशीनों के भीतर घुस गया, जिससे द्वितीय फीडर की इनकमिंग लाइन में फाल्ट आ गया। इस खराबी के चलते शहर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में लगभग तीन घंटे तक बिजली आपूर्ति ठप रही। कर्मचारियों ने फाल्ट ठीक करने के बाद आपूर्ति बहाल की।
कमालगंज के 50 गांवों में पांच घंटे तक अंधेरा
कमालगंज विकासखंड में आंधी और बारिश के कारण विद्युत लाइनों में फाल्ट उत्पन्न हो गया। इसके चलते करीब 50 गांवों की बिजली पांच घंटे तक बाधित रही। निगम की टीमों ने मौके पर पहुंचकर मरम्मत कार्य किया और खराबी दूर होने के बाद धीरे-धीरे सभी क्षेत्रों में सप्लाई शुरू कराई।
गर्मी के मौसम में बिजली व्यवस्था पर उठे सवाल
लगातार सामने आ रही तकनीकी खराबियों और लंबे समय तक होने वाली बिजली कटौती ने जिले की विद्युत व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। उपभोक्ताओं का कहना है कि गर्मी के मौसम में निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए विद्युत निगम को पहले से बेहतर तैयारी करनी चाहिए, ताकि लोगों को बार-बार परेशानी का सामना न करना पड़े।
लोगों को राहत, लेकिन स्थायी समाधान की मांग बरकरार
शाम तक अधिकांश प्रभावित क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति सामान्य हो गई, जिससे लोगों को राहत मिली। इसके बावजूद उपभोक्ताओं का मानना है कि केवल अस्थायी मरम्मत से समस्या का समाधान नहीं होगा। बिजली व्यवस्था को मजबूत बनाने और फाल्ट की घटनाओं को कम करने के लिए दीर्घकालिक योजना पर काम किए जाने की आवश्यकता है।






