
आचार्य मधुसूदन अग्निहोत्री
वैदिक ज्योतिष, धर्मनिर्णय एवं कर्मकांड विशेषज्ञ।
वैदिक पंचांग
अंग्रेजी दिनांक – 8 जून 2027, सोमवार
कालगणना
सृष्टि संवत् – 1,97,29,49,127
युगाब्द – 5129
विक्रम संवत् – 2084 (रौद्र संवत्सर)
शक संवत् – 1949
सम्वत्सर – रौद्र
अयन – उत्तरायण
ऋतु – ग्रीष्म
मास, पक्ष एवं वार विवरण
मास – ज्येष्ठ
पक्ष – कृष्ण पक्ष
तिथि – अष्टमी – रात्रि 10:01 तक, तत्पश्चात् नवमी
वार – सोमवार
नक्षत्र, योग एवं करण
नक्षत्र – पूर्वाभाद्रपद – रात्रि 05:00 तक, तत्पश्चात् उत्तराभाद्रपद
योग – विष्कम्भ – प्रातः 05:50 तक, तत्पश्चात् प्रीति
करण – बालव – दिन 10:11 तक, तत्पश्चात् कौलव रात्रि 10:01 तक
चंद्र गोचर
चन्द्रमा – कुम्भ राशि में रात्रि 10:50 तक, तत्पश्चात् मीन राशि में प्रवेश
पंचक – बुधवार तक विद्यमान (छत निर्माण, ईंधन संग्रह, दक्षिण यात्रा एवं अन्त्येष्टि संस्कार से बचें)
भद्रा – आज नहीं
सूर्य, काल एवं मुहूर्त (फर्रुखाबाद स्थानीय समय)
सूर्योदय – प्रातः 05:20
सूर्यास्त – सायं 07:10
अभिजित मुहूर्त – दोपहर 11:54 से 12:47 तक (सोमवार को अभिजित शुभ — कार्यसिद्धि हेतु उपयोगी)
राहुकाल – प्रातः 07:30 से 09:00 तक (सोमवार का राहुकाल)
दिशाशूल – पूर्व दिशा (सोमवार को पूर्व दिशा में यात्रा वर्जित; अनिवार्य हो तो दूध पीकर प्रस्थान करें)
विशेष शुभ मुहूर्त – सस्य रोपण, शिल्पविद्या एवं नवीन शिक्षा आरम्भ हेतु आज का दिन अत्यन्त उत्तम है। प्रीति योग में (प्रातः 05:50 के पश्चात्) कृषि कार्य, बीज बोना, नई विद्या का आरम्भ एवं शिल्पकर्म शुभ फल देंगे।
व्रत-पर्व एवं विशेष योग
- सोमवार व्रत एवं शिव पूजन: ज्येष्ठ मास के सोमवार को शिवजी की आराधना का विशेष माहात्म्य है। आज जलाभिषेक, बिल्वपत्र अर्पण एवं शिव पञ्चाक्षर मन्त्र “ॐ नमः शिवाय” का जप अत्यन्त फलदायी है।
- प्रीति योग (प्रातः 05:50 से): यह योग प्रेम, सौहार्द एवं सहयोग की वृद्धि करने वाला है। इस योग में सस्य रोपण, विद्याध्ययन का आरम्भ तथा शिल्पकार्य प्रारम्भ करना शास्त्रसम्मत एवं अत्यन्त शुभ है।
- पंचक काल (बुधवार तक): पञ्चक में घनिष्ठा से रेवती नक्षत्र पर्यन्त चन्द्रमा का गोचर होता है। इस काल में दक्षिण दिशा की यात्रा, काष्ठ व ईंधन का संग्रह, छत व भवन निर्माण तथा अन्त्येष्टि संस्कार वर्जित माने गए हैं।
विशेष जानकारी
आज सोमवार को चन्द्रमा के कुम्भ से मीन राशि में संक्रमण एवं पंचक की विद्यमानता के कारण दिन के दोनों पहर अलग-अलग ऊर्जा देंगे। प्रातःकाल से दोपहर तक वातावरण बौद्धिक एवं विचारशील रहेगा जबकि संध्याकाल में भावनात्मक एवं आध्यात्मिक प्रवृत्ति प्रबल होगी। शनि की साढ़ेसाती व ढैय्या से पीड़ित जातकों को आज शिव मन्दिर में जाकर जलाभिषेक करना चाहिए तथा “ॐ नमः शिवाय” का 108 बार जप करना चाहिए। केतु दोष से पीड़ित जातक आज भैरव मन्दिर में सरसों का तेल एवं उड़द के लड्डू का भोग लगाएँ। सोमवार होने के कारण चन्द्र-मन्त्र “ॐ सों सोमाय नमः” का जप मानसिक शान्ति एवं स्मृति-शक्ति को बढ़ाएगा। प्रीति योग का लाभ उठाते हुए आज कृषक वर्ग, शिल्पी एवं विद्यार्थी अपने नवीन कार्य सूर्योदय के पश्चात् शुभ लग्न में आरम्भ करें।

आज का राशिफल: 8 जून 2027, सोमवार
मेष (चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ)
आज सोमवार को मंगल-शनि की युति का प्रभाव आपके कार्यक्षेत्र पर दिखेगा। व्यापार में नए सौदे करने से पहले शर्तें भली-भाँति जाँच लें। रत्न एवं धातु व्यवसाय में दोपहर के बाद लाभ के अवसर बनेंगे। पारिवारिक वातावरण सहयोगपूर्ण रहेगा। स्वास्थ्य की दृष्टि से सिर एवं आँखों पर ध्यान दें; धूप में अधिक न रहें। पंचक काल में दक्षिण दिशा की यात्रा टालें।
उपाय – भगवान शिव को लाल फूल एवं बिल्वपत्र अर्पित करें और “ॐ नमः शिवाय” का 108 बार जप करें।
वृषभ (ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो)
चन्द्रमा का मीन राशि में रात्रिकालीन प्रवेश आपके एकादश भाव को सक्रिय करेगा जिससे आय एवं लाभ के नए स्रोत खुल सकते हैं। आभूषण एवं रत्न व्यापार के लिए आज का दिन शुभ संकेत देता है। मित्रों से सहायता मिलेगी। जीवनसाथी के साथ सम्बन्ध मधुर रहेंगे। स्वास्थ्य ठीक रहेगा परन्तु गले एवं थायरॉयड की समस्या वाले जातक विशेष सतर्क रहें।
उपाय – सोमवार को शिवजी को कच्चे दूध एवं श्वेत पुष्प से जलाभिषेक करें।
मिथुन (का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, ह)
गुरु और बुध की युति का प्रभाव आज भी आपके पक्ष में है। शिल्पविद्या एवं सस्य रोपण का शुभ मुहूर्त आपके व्यावसायिक कार्यों पर भी शुभ प्रभाव डालता है — नवीन शिक्षा, प्रशिक्षण या कौशल विकास कार्यक्रम आरम्भ करने के लिए आज का दिन उत्तम है। लेखन और संचार क्षेत्र में सफलता मिलेगी। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा।
उपाय – हरे रंग का वस्त्र धारण करें और बुध यन्त्र पर हरे मूंग चढ़ाएँ।
कर्क (ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)
आज का स्वामी चन्द्रमा आपका राशीश भी है। सोमवार होने के कारण यह दिन आपके लिए विशेष अनुकूल है। मन प्रसन्न एवं संकल्पशक्ति दृढ़ रहेगी। कृषि, भूमि एवं जलसम्पदा से जुड़े व्यवसाय में आज लाभ के संकेत हैं। सस्य रोपण का शुभ मुहूर्त आपके लिए विशेष फलदायी है। परिवार में शुभ समाचार मिल सकता है।
उपाय – चाँदी के पात्र में शिवजी का जलाभिषेक करें और सफेद पुष्प अर्पित करें।
सिंह (मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)
आज शनि का प्रभाव आपके सप्तम भाव पर है जिससे व्यापारिक साझेदारी में सावधानी आवश्यक है। दोपहर के बाद कार्यक्षेत्र में नई जिम्मेदारी मिल सकती है जो दीर्घकालिक लाभ देगी। प्रेम सम्बन्धों में मधुरता बनाए रखें। स्वास्थ्य में हृदय एवं पीठ का विशेष ध्यान रखें। अभिजित मुहूर्त में कोई भी महत्त्वपूर्ण कार्य आरम्भ करना शुभ रहेगा।
उपाय – रविवार एवं सोमवार को सूर्य एवं शिव दोनों की पूजा करें। आज तांबे के लोटे से सूर्यार्घ्य दें।
कन्या (टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)
प्रीति योग में बुध आपके राशीश होने के कारण आज विद्या, शिल्प एवं लेखा-कार्य में विशेष सफलता मिलेगी। शिल्पविद्या या नई तकनीकी शिक्षा आरम्भ करने के लिए आज का दिन अत्यन्त शुभ है। नौकरी में वरिष्ठों की प्रशंसा मिलेगी। आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। स्वास्थ्य ठीक रहेगा परन्तु पाचन-तन्त्र पर ध्यान दें।
उपाय – गाय को हरा चारा खिलाएँ और “ॐ बुं बुधाय नमः” का 108 बार जप करें।
तुला (रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते)
आज पंचक का प्रभाव तुला जातकों पर विशेष रूप से दिखेगा क्योंकि चन्द्रमा आपके पंचम-षष्ठ भाव में गोचर कर रहा है। रचनात्मक कार्यों में उत्साह रहेगा परन्तु शत्रु-पक्ष से सावधान रहें। न्यायिक एवं कानूनी मामलों में आज कोई बड़ा निर्णय न लें। व्यापार में मध्यम लाभ की सम्भावना है। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा।
उपाय – शुक्र को प्रसन्न करने के लिए श्वेत मिठाई का दान करें और देवी लक्ष्मी की पूजा करें।
वृश्चिक (तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)
मंगल आपके राशीश हैं और उनकी आज शनि से युति आपके कार्यक्षेत्र में कुछ बाधाएँ उत्पन्न कर सकती है। धैर्य बनाए रखें और किसी भी कार्य में जल्दबाजी न करें। पंचक काल में दक्षिण यात्रा एवं नए निर्माण कार्य टालें। आध्यात्मिक कार्यों में मन लगेगा। सन्ध्याकाल में चन्द्रमा के मीन में प्रवेश के बाद मनोबल बढ़ेगा।
उपाय – हनुमान जी को लाल सिन्दूर एवं चमेली का तेल अर्पित करें और बजरंग बाण का पाठ करें।
धनु (ये, यो, भा, भी, भू, धा, फा, ढा, भे)
गुरु आपके सप्तम भाव में गोचर कर रहे हैं जिससे वैवाहिक जीवन एवं व्यापारिक साझेदारी में आज विशेष प्रगति होगी। सस्य रोपण एवं भूमि सम्बन्धी कार्यों के लिए आज का शुभ मुहूर्त आपके कृषि-व्यवसाय को लाभ देगा। विदेश से जुड़े मामलों में सकारात्मक समाचार मिल सकता है। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा।
उपाय – पीपल के पेड़ पर सोमवार को जल और कच्चा दूध चढ़ाएँ।
मकर (भो, जा, जी, खी, खू, खे, खो, गा, गी)
शनि स्वगृही कुम्भ में हैं और उनकी दशम दृष्टि आपकी राशि पर पड़ रही है जो कर्म एवं अनुशासन को बल देती है। आज किए गए परिश्रम का दीर्घकालिक फल अवश्य मिलेगा। शिल्पविद्या एवं तकनीकी कार्यों में विशेष सफलता मिलेगी। व्यापार में स्थिरता बनी रहेगी। जोड़ों के दर्द एवं घुटनों का विशेष ध्यान रखें।
उपाय – शनिदेव को सरसों के तेल का दीपक जलाएँ और “ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः” का जप करें।
कुम्भ (गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)
चन्द्रमा आज रात्रि तक आपकी राशि में गोचर करेंगे जिससे दिनभर मानसिक सक्रियता बनी रहेगी। सामाजिक एवं सामुदायिक कार्यों में आज विशेष सफलता मिलेगी। मित्रों का सहयोग प्राप्त होगा। नवीन योजनाएँ बनाने के लिए आज का दिन उत्तम है। आर्थिक स्थिति सन्तोषजनक रहेगी। स्वास्थ्य ठीक रहेगा।
उपाय – शनि मन्दिर में काले तिल का दान करें और नीले पुष्प शिवजी को अर्पित करें।
मीन (दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची)
रात्रि 10:50 के पश्चात् चन्द्रमा का आपकी राशि में प्रवेश होगा जिससे दिन का उत्तरार्ध विशेष शुभ एवं भावनात्मक रूप से सन्तोषजनक रहेगा। आध्यात्मिक रुझान प्रबल होगा। सस्य रोपण के लिए आज का शुभ मुहूर्त आपके लिए भी फलदायी है। कलात्मक एवं रचनात्मक कार्यों में आज असाधारण सफलता मिलेगी। स्वास्थ्य में पैरों एवं रक्त परिसंचरण का ध्यान रखें।
उपाय – भगवान विष्णु को पीले पुष्प एवं तुलसी अर्पित करें और “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” का 108 बार जप करें।
शुभम भवतु।

