
संवाद 24 नई दिल्ली। अमेरिका के वॉशिंगटन राज्य में एक पेपर मिल के अंदर हुए केमिकल टैंक हादसे ने पूरे इलाके को दहला दिया। लॉन्गव्यू स्थित निप्पॉन डायनावेव पैकेजिंग प्लांट में मंगलवार सुबह एक बड़े केमिकल टैंक में अचानक धमाका/इम्प्लोजन हुआ, जिसके बाद अफरा-तफरी मच गई। अधिकारियों के अनुसार, हादसे में कम से कम एक व्यक्ति की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि कई लोग घायल हैं और 9 कर्मचारियों का अब तक पता नहीं चल सका है।
टैंक में भरा था खतरनाक केमिकल
जानकारी के मुताबिक, जिस टैंक में हादसा हुआ, उसमें “व्हाइट लिकर” नाम का केमिकल मौजूद था। यह केमिकल पेपर पल्प बनाने की प्रक्रिया में इस्तेमाल होता है और इसमें सोडियम हाइड्रॉक्साइड व सोडियम सल्फाइड जैसे खतरनाक तत्व शामिल होते हैं। बताया जा रहा है कि करीब 80,000 गैलन क्षमता वाला टैंक हादसे के समय लगभग 60 प्रतिशत भरा हुआ था।
घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया
हादसे के बाद मौके पर फायर ब्रिगेड, हजमैट टीम और आपातकालीन सेवाओं को बुलाया गया। कम से कम 10 लोगों को अस्पताल ले जाया गया, जिनमें एक फायरफाइटर भी शामिल है। कुछ घायलों को केमिकल बर्न और गंभीर चोटें आई हैं। अधिकारियों ने कहा है कि रेस्क्यू और रिकवरी ऑपरेशन जारी है।
आसपास के लोगों को फिलहाल खतरा नहीं
प्रशासन ने कहा है कि आसपास रहने वाले लोगों के लिए फिलहाल कोई तत्काल खतरा नहीं है, लेकिन लोगों से घटना स्थल से दूर रहने की अपील की गई है। केमिकल फैलने के बाद पर्यावरणीय सुरक्षा को देखते हुए संबंधित एजेंसियां भी मौके पर पहुंची हैं और हालात पर नजर रख रही हैं।
जांच में सामने आएगा हादसे का कारण
अभी तक यह साफ नहीं हो पाया है कि टैंक में इम्प्लोजन क्यों हुआ। शुरुआती जांच में तकनीकी खराबी, दबाव में बदलाव या रखरखाव से जुड़ी लापरवाही जैसे पहलुओं को देखा जा सकता है। कंपनी और स्थानीय प्रशासन ने कहा है कि प्राथमिकता अभी लापता लोगों की तलाश और घायलों के इलाज पर है।
औद्योगिक सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
यह हादसा अमेरिका में औद्योगिक सुरक्षा और केमिकल प्लांटों की निगरानी को लेकर फिर सवाल खड़े करता है। बड़े प्लांटों में इस्तेमाल होने वाले खतरनाक रसायनों के रखरखाव, टैंक निरीक्षण और इमरजेंसी सिस्टम की नियमित जांच बेहद जरूरी होती है। इस घटना के बाद माना जा रहा है कि जांच एजेंसियां प्लांट की सुरक्षा व्यवस्था और मेंटेनेंस रिकॉर्ड की गहराई से पड़ताल करेंगी।






