10 राज्यों तक फैला NEET पेपर लीक का जाल! करोड़ों की डील, CBI की एंट्री से मचा हड़कंप
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संवाद 24 नई दिल्ली। देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG 2026 अब तक के सबसे बड़े शिक्षा घोटालों में बदलती नजर आ रही है। राजस्थान स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) की शुरुआती जांच में खुलासा हुआ है कि परीक्षा का कथित लीक पेपर देश के करीब 10 राज्यों तक पहुंच चुका था। इस मामले में अब केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी CBI ने भी जांच अपने हाथ में ले ली है, जिसके बाद कई राज्यों में छापेमारी और गिरफ्तारियों का दौर शुरू हो गया है।
10 से 25 लाख रुपये में बेचा गया ‘गेस पेपर’
जांच एजेंसियों के मुताबिक, परीक्षा से पहले कुछ गिरोहों ने “गेस पेपर” के नाम पर छात्रों और अभिभावकों से भारी रकम वसूली। आरोप है कि यही गेस पेपर असली प्रश्नपत्र से काफी हद तक मेल खाता था। सूत्रों के अनुसार, कई छात्रों से 10 लाख से लेकर 25 लाख रुपये तक लिए गए। कुछ मामलों में रकम इससे भी अधिक बताई जा रही है।
किन राज्यों तक पहुंचा नेटवर्क?
SOG की जांच में राजस्थान, महाराष्ट्र, हरियाणा, दिल्ली, बिहार, केरल, उत्तराखंड सहित कई राज्यों के नाम सामने आए हैं। एजेंसियों को शक है कि यह कोई छोटा गिरोह नहीं बल्कि संगठित “एग्जाम माफिया” नेटवर्क है, जिसमें कोचिंग सेंटर, बिचौलिए और तकनीकी जानकार लोग शामिल हो सकते हैं।
जयपुर प्रिंटिंग यूनिट से लीक होने का शक
जांच एजेंसियां इस एंगल पर भी काम कर रही हैं कि पेपर संभवतः जयपुर स्थित किसी प्रिंटिंग यूनिट से बाहर निकाला गया। शुरुआती जांच में यह भी सामने आया कि प्रश्नपत्र की कॉपी सबसे पहले कुछ चुनिंदा लोगों तक पहुंची और फिर व्हाट्सऐप व अन्य डिजिटल माध्यमों के जरिए कई राज्यों में फैल गई।
140 सवाल मैच होने से बढ़ा शक
जांच में सामने आया है कि वायरल हुए एक PDF में मौजूद करीब 140 सवाल असली NEET पेपर से मिलते-जुलते पाए गए। बताया जा रहा है कि कुल 180 प्रश्नों वाली परीक्षा में बायोलॉजी और केमिस्ट्री के अधिकतर सवाल पहले से उपलब्ध थे। इसी खुलासे ने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया।
CBI की बड़ी कार्रवाई, कई गिरफ्तार
CBI ने केस दर्ज करने के बाद जयपुर, गुरुग्राम, नासिक और अन्य शहरों में छापेमारी की। अब तक कई संदिग्धों को हिरासत में लिया जा चुका है। इनमें कुछ डॉक्टर, कोचिंग से जुड़े लोग, इंजीनियरिंग छात्र और एजेंट शामिल बताए जा रहे हैं। एजेंसियां मोबाइल चैट, बैंक ट्रांजैक्शन और सोशल मीडिया कनेक्शन की भी जांच कर रही हैं।
परीक्षा रद्द होने से 23 लाख छात्र प्रभावित
पेपर लीक विवाद के बाद NEET-UG 2026 परीक्षा को रद्द कर दिया गया है। इस फैसले से देशभर के करीब 23 लाख छात्र प्रभावित हुए हैं। कई छात्रों और अभिभावकों ने परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता पर सवाल उठाए हैं। वहीं सोशल मीडिया पर छात्रों का गुस्सा भी देखने को मिल रहा है।
सरकार पर उठे सवाल
विपक्षी दलों और छात्र संगठनों ने केंद्र सरकार और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) पर गंभीर सवाल उठाए हैं। आरोप है कि इतनी बड़ी परीक्षा में सुरक्षा व्यवस्था कमजोर रही। दूसरी ओर NTA अधिकारियों का कहना है कि मामले में “जीरो टॉलरेंस” नीति अपनाई जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
नए कानून के तहत हो सकती है कड़ी सजा
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि आरोप साबित होते हैं तो आरोपियों पर “पब्लिक एग्जामिनेशन प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स एक्ट 2024” के तहत कार्रवाई हो सकती है। इस कानून में 10 साल तक की जेल और 1 करोड़ रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है।
दोबारा परीक्षा की तैयारी
NTA ने संकेत दिए हैं कि जल्द ही नई परीक्षा तिथि घोषित की जाएगी। छात्रों को दोबारा आवेदन करने की जरूरत नहीं होगी और अतिरिक्त शुल्क भी नहीं लिया जाएगा। फिलहाल लाखों छात्र नई तारीख का इंतजार कर रहे हैं।






