फर्रुखाबाद में मॉडिफाइड साइलेंसर पर शिकंजा: बुलेट बाइक का 17 हजार का चालान, RC सस्पेंड करने की चेतावनी

फर्रुखाबाद में मॉडिफाइड साइलेंसर लगे वाहनों के खिलाफ परिवहन विभाग और यातायात पुलिस ने संयुक्त रूप से सघन अभियान चलाया। जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी के निर्देश पर रोडवेज बस अड्डे के पास हुई इस कार्रवाई में 54 वाहनों की जांच की गई। अभियान के दौरान साइलेंसर, ध्वनि प्रदूषण और वाहन दस्तावेजों की गहन पड़ताल की गई।

बुलेट बाइक में मिला मॉडिफाइड साइलेंसर, बीमा भी था खत्म

जांच के दौरान एक बुलेट मोटरसाइकिल में मॉडिफाइड साइलेंसर लगा मिला। अधिकारियों ने पाया कि बाइक का बीमा वर्ष 2020 से समाप्त था। नियमों के उल्लंघन पर वाहन का चालान करते हुए 17 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। वाहन स्वामी को निर्देश दिए गए हैं कि वह साइलेंसर को कंपनी फिटिंग के अनुसार सही कराकर परिवहन कार्यालय में वाहन प्रस्तुत करे।

RC निलंबन की दी गई चेतावनी

परिवहन विभाग ने साफ किया है कि यदि वाहन स्वामी निर्धारित समय में मॉडिफाइड साइलेंसर नहीं हटाता और निरीक्षण नहीं कराता है, तो वाहन की आरसी निलंबित की जा सकती है। प्रदेश में ध्वनि प्रदूषण के खिलाफ चल रहे अभियान के तहत अब केवल चालान तक कार्रवाई सीमित नहीं रहेगी, बल्कि RC और ड्राइविंग लाइसेंस पर भी असर पड़ सकता है।

गैराज और वर्कशॉप संचालकों को भी सख्त चेतावनी

इस कार्रवाई से पहले एआरटीओ-प्रशासन कृष्ण कुमार यादव ने वाहन डीलरों, मोटर गैराज और वर्कशॉप संचालकों के साथ बैठक की थी। बैठक में स्पष्ट किया गया कि मॉडिफाइड साइलेंसर, प्रेशर हॉर्न और हूटर लगाने वाले गैराज या डीलरों पर मोटरयान अधिनियम के तहत प्रति उपकरण एक लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। हाल के दिनों में प्रदेश के कई जिलों में ऐसे गैराजों और दुकानों पर कार्रवाई भी की गई है।

तीन महीने तक की जेल और 10 हजार तक जुर्माने का प्रावधान

मोटरयान अधिनियम के तहत मॉडिफाइड साइलेंसर लगाना ध्वनि प्रदूषण और सड़क सुरक्षा नियमों का उल्लंघन माना जाता है। ऐसे मामलों में तीन महीने तक की जेल, 10 हजार रुपये तक का जुर्माना या दोनों सजा एक साथ हो सकती है। बार-बार नियम तोड़ने वालों का ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित करने और वाहन जब्त करने की भी कार्रवाई की जा सकती है।

80 डेसिबल से अधिक आवाज वाले साइलेंसर अवैध

विशेषज्ञों के अनुसार, मोटरसाइकिल के साइलेंसर से निकलने वाली आवाज 80 डेसिबल से अधिक नहीं होनी चाहिए। इससे अधिक शोर करने वाले आफ्टरमार्केट या मॉडिफाइड साइलेंसर अवैध माने जाते हैं। ऐसे साइलेंसर न केवल ध्वनि प्रदूषण बढ़ाते हैं, बल्कि वाहन के प्रदूषण मानकों का भी उल्लंघन करते हैं।

Anuj Singh
Anuj Singh

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