हरे पेड़ों पर कुल्हाड़ी: उमर्दा में अवैध कटान का खुलासा, वन विभाग की कार्रवाई तेज
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ठठिया थाना क्षेत्र के श्यामपुर गांव में अवैध रूप से हरे पेड़ों की कटाई का मामला सामने आने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है। बिना अनुमति देशी आम के दो हरे-भरे पेड़ों को काट दिया गया, जिसकी सूचना मिलते ही वन विभाग ने मौके पर पहुंचकर कटी हुई लकड़ी को जब्त कर लिया। विभाग ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
लकड़ी तस्करों का नेटवर्क सक्रिय? ग्रामीणों ने उठाए गंभीर सवाल
स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि यह कोई एकल घटना नहीं, बल्कि पिछले एक सप्ताह से क्षेत्र के कई गांवों में आम, नीम और गूलर जैसे पेड़ों को निशाना बनाया जा रहा है। ग्रामीणों ने वन विभाग और स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए संभावित मिलीभगत की आशंका जताई है। उनका कहना है कि यदि समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो यह अवैध कटान एक बड़े पर्यावरणीय संकट का रूप ले सकता है।
जमीन विवाद से जुड़ा मामला, ठेकेदार पर आरोप
प्रारंभिक जांच में मामला पारिवारिक जमीन विवाद से जुड़ा बताया जा रहा है। आरोप है कि एक व्यक्ति ने अपने हिस्से के पेड़ों को बिना अनुमति ठेकेदार को बेच दिया। ठेकेदार ने नियमों की अनदेखी करते हुए पेड़ों की कटाई शुरू कर दी। इस दौरान एक महिला द्वारा विरोध किए जाने पर विवाद भी हुआ, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल बताया जा रहा है।
112 पर कॉल के बाद भी कार्रवाई पर सवाल
घटना के दौरान महिला ने डायल 112 पर पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची और लकड़ी से लदी ट्रॉली को पकड़ भी लिया, लेकिन ग्रामीणों का आरोप है कि बिना ठोस कार्रवाई के उसे छोड़ दिया गया। इसके बाद वन विभाग को सूचना दी गई, जिसने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया।
वन विभाग की कार्रवाई: लकड़ी जब्त, रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी
वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर कटे हुए पेड़ों के लट्ठों की गिनती की और उनका माप लिया। वन दरोगा सूर्य प्रताप सिंह के अनुसार, जब्त लकड़ी को कब्जे में ले लिया गया है और मामले की रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेज दी गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जुर्माना न भरने की स्थिति में संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
पर्यावरण पर खतरा: ग्रामीणों ने दी चेतावनी
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि इसी तरह हरे पेड़ों की कटाई जारी रही, तो आने वाले समय में पर्यावरण और मौसम पर गंभीर असर पड़ सकता है। उन्होंने प्रशासन से सख्त निगरानी और दोषियों पर कठोर कार्रवाई की मांग की है।






