कन्नौज में प्रशासनिक सख्ती: दर्पण पोर्टल की रैंकिंग पर DM का कड़ा रुख
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कन्नौज जनपद में विकास योजनाओं की प्रगति को लेकर जिलाधिकारी आशुतोष मोहन अग्निहोत्री ने सख्त रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री दर्पण पोर्टल की समीक्षा बैठक के दौरान उन्होंने विभिन्न विभागों की खराब रैंकिंग पर नाराजगी जताते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि कार्यप्रणाली में तत्काल सुधार लाया जाए। बैठक में सामने आए आंकड़ों के अनुसार, मुख्यमंत्री आवास योजना, जल जीवन मिशन, 15वें वित्त आयोग और फैमिली आईडी समेत कई प्रमुख योजनाओं में जनपद की स्थिति संतोषजनक नहीं पाई गई।
योजनाओं की रैंकिंग ने बढ़ाई चिंता, सुधार के दिए निर्देश
समीक्षा के दौरान यह सामने आया कि मुख्यमंत्री आवास योजना में कन्नौज की रैंक 54, जल जीवन मिशन में 36, 15वें वित्त आयोग में 48 और फैमिली आईडी में 39 है। इसके अलावा स्वच्छ भारत मिशन, युवा उद्यमी विकास अभियान, फार्मर रजिस्ट्री और पर्यटन विभाग की प्रगति भी अपेक्षा के अनुरूप नहीं रही। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे योजनाओं की जमीनी हकीकत का आकलन कर ठोस रणनीति बनाएं और अल्प समय में रैंकिंग सुधार सुनिश्चित करें।
लंबित भुगतान और लापरवाही पर सख्ती के संकेत
जिलाधिकारी ने पीडी डीआरडीए को निर्देश दिया कि वे ग्राम स्तर पर जाकर लाभार्थियों के लंबित भुगतान के कारणों की जांच करें और शीघ्र धनराशि अंतरण सुनिश्चित कराएं। वहीं, 15वें वित्त आयोग के कार्यों में लापरवाही बरतने वाले ग्राम सचिवों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं। इसकी जांच की जिम्मेदारी डीसी मनरेगा को सौंपी गई है, जिससे प्रशासनिक जवाबदेही तय हो सके।
गौशालाओं और कृषि व्यवस्थाओं पर भी फोकस
बैठक में गौशालाओं की व्यवस्थाओं को लेकर भी गंभीरता दिखाई गई। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि पिछले वर्ष की भांति इस वर्ष भी समय रहते भूसे की खरीद की कार्ययोजना तैयार की जाए और ब्लॉकवार कार्यक्रम निर्धारित किया जाए। इसके साथ ही उप निदेशक कृषि को फार्मर रजिस्ट्री में तेजी लाने और मंडियों में गेहूं खरीद समय पर सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए, ताकि किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
कर्मचारियों के भुगतान में देरी पर चेतावनी
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि सभी योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों तक समय पर पहुंचना चाहिए। उन्होंने मेडिकल, शिक्षा, नगर निकाय, पंचायती राज और कृषि विभाग में कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारियों के भुगतान में देरी पर सख्त नाराजगी जताई। साथ ही चेतावनी दी कि यदि भुगतान में अनावश्यक विलंब हुआ तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। कर्मचारियों को सम्मानजनक मानदेय सुनिश्चित करने पर भी विशेष बल दिया गया।
अधिकारियों की मौजूदगी में तय हुई जवाबदेही
इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. स्वदेश गुप्ता, जिला विकास अधिकारी नरेंद्र देव द्विवेदी, डीसी मनरेगा दिनेश यादव, पीडी डीआरडीए राम औतार सिंह और उप निदेशक कृषि संतोष कुमार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। बैठक के माध्यम से प्रशासन ने स्पष्ट संकेत दिया है कि अब विकास कार्यों में ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी और परिणाम आधारित कार्यशैली को प्राथमिकता दी जाएगी।






