
हिंदी संस्थान द्वारा आयोजित हिंदी ओलंपियाड परीक्षा में विद्यालय के विद्यार्थियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 14 पदक अपने नाम किए हैं। प्रतियोगिता में छात्रों ने 7 स्वर्ण, 5 रजत और 2 कांस्य पदक जीतकर विद्यालय को गौरवान्वित किया। विद्यार्थियों की इस उपलब्धि ने न केवल विद्यालय परिसर में उत्साह का माहौल बनाया, बल्कि अभिभावकों और शिक्षकों के बीच भी गर्व की भावना पैदा की।
देशभर में आयोजित होने वाली हिंदी ओलंपियाड प्रतियोगिताओं का उद्देश्य विद्यार्थियों में हिंदी भाषा के प्रति रुचि, सम्मान और अभिव्यक्ति कौशल को बढ़ावा देना होता है। इस प्रकार की प्रतियोगिताएं छात्रों की भाषाई क्षमता, व्याकरण ज्ञान और साहित्यिक समझ को विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
विद्यालय में इस उपलब्धि के उपलक्ष्य में सम्मान समारोह आयोजित किया गया, जिसमें मेधावी विद्यार्थियों को मेडल और पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। समारोह का संचालन अर्पित मिश्रा ने प्रभावशाली ढंग से किया। इस अवसर पर निदेशक डॉ. मिथिलेश अग्रवाल ने कहा कि हिंदी हमारी संस्कृति, परंपरा और पहचान की आधारशिला है, इसलिए इसके संरक्षण और संवर्धन के लिए निरंतर प्रयास आवश्यक हैं।
एमडी ज्योत्स्ना अग्रवाल ने विद्यार्थियों को शुद्ध और प्रभावी हिंदी के प्रयोग के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि भाषा का ज्ञान व्यक्ति के आत्मविश्वास और व्यक्तित्व को निखारता है। वहीं, उपनिदेशक अंजू राजे ने निरंतर अभ्यास को सफलता की कुंजी बताते हुए छात्रों का उत्साहवर्धन किया।
प्रभारी प्रधानाचार्य नवीन शाक्य ने कहा कि हिंदी ओलंपियाड जैसी प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों को अपनी भाषाई दक्षता दिखाने का मंच देती हैं और उनमें प्रतिस्पर्धा की भावना को भी मजबूत करती हैं। उन्होंने कहा कि इस सफलता के पीछे शिक्षकों का मार्गदर्शन और विद्यार्थियों की मेहनत सबसे बड़ी ताकत रही है।
विद्यालय प्रशासन ने इस उपलब्धि का श्रेय शिवानी मिश्रा, रणवीर सिंह, श्रवण कुमार मिश्रा और नंदिता जैन सहित समस्त शिक्षकों के मार्गदर्शन को भी दिया। अंत में विद्यालय परिवार ने सभी सफल विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।






