न्यूयॉर्क में बड़ा आतंकी साजिश बेनकाब: पाकिस्तानी युवक ने कबूला जुर्म, यहूदी सेंटर था निशाने पर

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संवाद 24 नई दिल्ली । अमेरिका के न्यूयॉर्क शहर में एक बड़े आतंकी हमले की साजिश का खुलासा हुआ है, जिसने सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट कर दिया है। पाकिस्तानी मूल के एक युवक ने अदालत में स्वीकार किया है कि वह यहूदी समुदाय को निशाना बनाकर बड़े पैमाने पर हमला करने की योजना बना रहा था। मामला बेहद गंभीर माना जा रहा है क्योंकि यह साजिश अंतरराष्ट्रीय आतंकी संगठन ISIS से प्रेरित बताई जा रही है।

अदालत में कबूल किया जुर्म
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, 21 वर्षीय आरोपी मुहम्मद शहज़ेद खान ने मैनहट्टन की एक फेडरल अदालत में आतंकवाद से जुड़े आरोपों को स्वीकार कर लिया है। उसने माना कि वह न्यूयॉर्क के ब्रुकलिन इलाके में एक यहूदी धार्मिक केंद्र पर हमला करने की योजना बना रहा था, जिसमें अधिक से अधिक लोगों को निशाना बनाने का इरादा था।

क्या थी हमले की योजना?
जांच एजेंसियों के मुताबिक आरोपी ने बेहद खतरनाक प्लान तैयार किया था-
यहूदी सेंटर के पास जगह किराए पर लेने की योजना
ऑटोमैटिक हथियार और चाकुओं का इस्तेमाल
ज्यादा से ज्यादा लोगों को नुकसान पहुंचाने की मंशा
बताया जा रहा है कि वह इस हमले को 7 अक्टूबर की तारीख के आसपास अंजाम देना चाहता था, जो पहले हुए बड़े आतंकी हमले की बरसी से जुड़ी है।

कैसे हुआ खुलासा?
इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब आरोपी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर आतंकी विचारधारा से जुड़ी गतिविधियों में शामिल पाया गया। अमेरिकी एजेंसियों ने अंडरकवर ऑपरेशन के जरिए उससे संपर्क किया, जहां उसने अपनी पूरी योजना साझा कर दी। इसके बाद उसे कनाडा में अमेरिकी सीमा के पास गिरफ्तार कर लिया गया।

ISIS से प्रेरणा और कट्टर सोच
जांच में सामने आया कि आरोपी लगातार ISIS की विचारधारा से प्रभावित था और सोशल मीडिया के जरिए उससे जुड़ा हुआ था। उसका मकसद सिर्फ हमला करना नहीं, बल्कि बड़े पैमाने पर डर और दहशत फैलाना था, जिससे यह मामला और भी खतरनाक हो जाता है।

बड़ी साजिश टली, एजेंसियों की सफलता
अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता के चलते यह बड़ा हमला होने से पहले ही नाकाम कर दिया गया।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर समय रहते कार्रवाई नहीं होती, तो यह हमला बड़े पैमाने पर जान-माल का नुकसान कर सकता था।

अब क्या होगी सजा?
आरोपी को अब उम्रकैद तक की सजा हो सकती है। अदालत ने उसकी सजा सुनाने की तारीख भी तय कर दी है, जिस पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हैं।

क्या बढ़ रहा है वैश्विक आतंकी खतरा?
इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या दुनिया में आतंकी नेटवर्क फिर से सक्रिय हो रहे हैं? ऑनलाइन कट्टरता और अंतरराष्ट्रीय नेटवर्किंग के कारण ऐसे खतरे अब पहले से ज्यादा जटिल और खतरनाक होते जा रहे हैं। फिलहाल, इस साजिश का समय रहते खुलासा होना बड़ी राहत जरूर है, लेकिन खतरा पूरी तरह टला नहीं है।

Madhvi Singh
Madhvi Singh

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