गांवों में डिजिटल क्रांति: 103 पंचायतों में बनेंगी स्मार्ट लाइब्रेरी
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ग्रामीण शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए बाराबंकी जिले की 103 ग्राम पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी स्थापित करने की योजना पर तेजी से काम शुरू हो गया है। इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण युवाओं को शहरों की ओर पलायन से रोकना और उन्हें स्थानीय स्तर पर ही गुणवत्तापूर्ण शिक्षा संसाधन उपलब्ध कराना है।
पहले चरण में 47 पंचायत भवन बनेंगे हाईटेक शिक्षा केंद्र
परियोजना के प्रथम चरण में 47 पंचायत भवनों को डिजिटल लाइब्रेरी के रूप में विकसित किया जा रहा है। इन केंद्रों पर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों को विशेष रूप से लाभ मिलेगा। यहां पारंपरिक पुस्तकों के साथ-साथ ई-बुक्स, ऑडियो-वीडियो लेक्चर और इंटरनेट आधारित अध्ययन सामग्री भी उपलब्ध कराई जाएगी।
अब गांव में ही मिलेगा ‘स्मार्ट स्टडी’ का अनुभव
डिजिटल लाइब्रेरी में आधुनिक तकनीक का उपयोग करते हुए छात्रों को स्मार्ट स्टडी का अनुभव दिया जाएगा। कंप्यूटर सिस्टम, हाई-स्पीड इंटरनेट और डिजिटल कंटेंट के माध्यम से छात्र राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की जानकारी तक आसानी से पहुंच सकेंगे। इससे ग्रामीण प्रतिभाओं को नई उड़ान मिलने की उम्मीद है।
युवाओं से लेकर बुजुर्गों तक के लिए उपयोगी पहल
यह लाइब्रेरी सिर्फ छात्रों तक सीमित नहीं रहेंगी, बल्कि गांव के बुजुर्ग भी एलईडी स्क्रीन के माध्यम से ज्ञानवर्धक और मनोरंजक कार्यक्रमों का लाभ उठा सकेंगे। इस तरह यह पहल सामाजिक समावेशन और सामुदायिक विकास को भी बढ़ावा देगी।
लाइब्रेरी में होंगी ये अत्याधुनिक सुविधाएं
प्रत्येक केंद्र में दो कंप्यूटर सिस्टमएआई आधारित अध्ययन व्यवस्थाएलईडी टीवी और पर्याप्त प्रकाश व्यवस्थाछह आधुनिक टेबल व लगभग दो दर्जन कुर्सियांहाई-स्पीड इंटरनेट कनेक्टिविटीसुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे
तेजी से आगे बढ़ रहा काम, जल्द शुरू होंगी सेवाएं
स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, कई पंचायतों में किताबों की पहली खेप पहुंच चुकी है और जल्द ही फर्नीचर व कंप्यूटर इंस्टॉलेशन का कार्य पूरा कर लिया जाएगा। उम्मीद है कि निकट भविष्य में ये डिजिटल लाइब्रेरी पूरी तरह संचालित होकर ग्रामीण शिक्षा में बड़ा बदलाव लाएंगी।






