साध्वी वेश में कोर्ट पहुंची गैंगस्टर पूजा तोमर, केस ने फिर पकड़ी सुर्खियां
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उत्तर प्रदेश के कन्नौज में चर्चित नाबालिग दुष्कर्म मामले की सह-आरोपी गैंगस्टर पूजा तोमर एक बार फिर सुर्खियों में है। हाल ही में वह कोर्ट में साध्वी वेश धारण कर पेश हुई, जिसने पूरे मामले को नया मोड़ दे दिया है। लंबे समय से फरार चल रही पूजा को पुलिस ने 27 मार्च को सहारनपुर से गिरफ्तार किया था और उसी दिन न्यायालय में पेश कर जिला जेल (अनौगी) भेज दिया गया।
साध्वी बनने का दावा, जमानत की फिर कोशिश
पूजा तोमर के वकील के अनुसार, जमानत पर बाहर आने के बाद उसने “दीक्षा” ले ली थी और अब वह खुद को साध्वी बताती है। कोर्ट में पेशी के दौरान उसका भगवा वस्त्र पहनना इसी दावे को दर्शाता है। इस बीच, उसने पुनः जमानत याचिका दायर की है, जिस पर अब 6 अप्रैल को सुनवाई तय की गई है। इस घटनाक्रम ने कानूनी और सामाजिक दोनों स्तर पर बहस छेड़ दी है।
क्या है पूरा मामला? नाबालिग से दुष्कर्म का आरोप
यह मामला 11-12 अगस्त 2024 की रात का है, जब एक 15 वर्षीय नाबालिग लड़की नौकरी की तलाश में एक कॉलेज पहुंची थी। आरोप है कि वहां मौजूद सपा नेता नवाब सिंह यादव ने उसके साथ जबरदस्ती करने की कोशिश की। पीड़िता की सूचना पर पुलिस ने मौके से ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया और बाद में पोक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया।
पूजा तोमर की भूमिका और फरारी
इस केस में पूजा तोमर पर आरोपी की मदद करने और साक्ष्य छिपाने के आरोप लगे। पहली गिरफ्तारी 21 अगस्त 2024 को हुई थी, लेकिन नवंबर में जमानत मिलने के बाद वह लगातार कोर्ट में पेश नहीं हुई। कई तारीखों पर अनुपस्थित रहने के चलते अदालत ने उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया। इसके बाद करीब दो साल तक वह फरार रही।
कानूनी शिकंजा और आगे की राह
अब दोबारा गिरफ्तारी के बाद पूजा तोमर पर गैंगस्टर एक्ट और पोक्सो एक्ट के तहत कार्रवाई जारी है। कोर्ट में उसकी साध्वी छवि और जमानत याचिका इस केस को और जटिल बना रही है। आगामी सुनवाई इस मामले की दिशा तय कर सकती है, जिस पर पूरे प्रदेश की नजर बनी हुई है।






