ठठिया कांड में बड़ा फैसला: नाबालिग एथलीट से दुष्कर्म पर उम्रकैद
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कन्नौज जिले के ठठिया थाना क्षेत्र में नाबालिग एथलीट से दुष्कर्म और जबरन गर्भपात कराने के सनसनीखेज मामले में अदालत ने सख्त रुख अपनाते हुए ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट कोर्ट के न्यायाधीश हरेंद्र नाथ ने आरोपी जेपी उर्फ रजित कुमार प्रजापति को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही अदालत ने 12,500 रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
दो साल पुराना मामला, अब मिला न्याय
यह मामला लगभग दो वर्ष पूर्व का है, जब ठठिया क्षेत्र के खामा गांव निवासी आरोपी ने एक 13 वर्षीय किशोरी को अपनी हवस का शिकार बनाया। जानकारी के अनुसार पीड़िता एक प्रतिभाशाली एथलीट थी, जिसने राज्यस्तरीय प्रतियोगिताओं में भी भाग लिया था। आरोपी ने तमंचे के बल पर जान से मारने की धमकी देते हुए वारदात को अंजाम दिया।
दुष्कर्म के बाद जबरन गर्भपात का आरोप
घटना के बाद पीड़िता गर्भवती हो गई। आरोप है कि करीब तीन महीने बाद, जब किशोरी तिर्वा से कोचिंग पढ़कर लौट रही थी, तब आरोपी ने उसे रास्ते में रोक लिया और जबरन गर्भपात की दवा खिला दी। इससे उसकी हालत बिगड़ गई और 8 नवंबर को गर्भपात हो गया। इस दर्दनाक घटना के बाद ही परिवार को पूरे मामले की जानकारी मिली।
मजबूत साक्ष्य बने सजा की वजह
मामले की सुनवाई के दौरान सरकारी अधिवक्ता संत कुमार दुबे ने कोर्ट में मेडिकल रिपोर्ट, पीड़िता के बयान और अन्य साक्ष्यों को प्रस्तुत किया। यह भी सामने आया कि पीड़िता की मां का पहले ही निधन हो चुका था, जिससे वह और अधिक असुरक्षित स्थिति में थी। अदालत ने इन तथ्यों को गंभीरता से लेते हुए आरोपी को कठोरतम सजा सुनाई।
समाज के लिए सख्त संदेश
इस फैसले को कानून और न्याय व्यवस्था की दृढ़ता का प्रतीक माना जा रहा है। यह निर्णय न केवल पीड़िता को न्याय दिलाने वाला है, बल्कि समाज में ऐसे जघन्य अपराधों के खिलाफ एक सख्त संदेश भी देता है कि महिलाओं और बच्चों के साथ अपराध करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।






