तहसील दिवस में उमड़ा जनसैलाब: 150 शिकायतों ने खोली जमीनी हकीकत
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कन्नौज जनपद की तिर्वा तहसील परिसर में अप्रैल माह के प्रथम शनिवार को आयोजित “संपूर्ण समाधान दिवस” एक बार फिर आमजन की समस्याओं का बड़ा मंच बनकर सामने आया। प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में कुल 150 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें सर्वाधिक मामले जमीन पर अवैध कब्जे और राजस्व विवाद से जुड़े रहे। यह आंकड़ा न केवल ग्रामीण क्षेत्र की प्रमुख समस्याओं को उजागर करता है, बल्कि प्रशासनिक व्यवस्था की चुनौतियों की ओर भी संकेत करता है।
राजस्व विवाद और अवैध कब्जे बने सबसे बड़ी समस्या
प्राप्त शिकायतों में सबसे अधिक संख्या राजस्व विभाग से संबंधित रही। खासकर जमीन पर कब्जा, पैमाइश में अनियमितता और पारिवारिक विवाद प्रमुख रूप से सामने आए। ठठिया थाना क्षेत्र के बालस्टर गांव से आए एक फरियादी ने आरोप लगाया कि उनके ही परिजनों ने उनकी जमीन पर अवैध कब्जा कर लिया है। प्रशासन द्वारा मौके पर पैमाइश कर कब्जा दिलाने का प्रयास किया गया, लेकिन विपक्षियों द्वारा अब भी जमीन खाली न करने की बात सामने आई है।इसी क्रम में एक अन्य मामला भी चर्चा में रहा, जिसमें कानपुर देहात के रसूलाबाद क्षेत्र की अनीता देवी ने शिकायत दर्ज कराई कि कुढिना गांव में उनकी दी गई जमीन पर बाहरी व्यक्तियों द्वारा जबरन निर्माण किया जा रहा है। कई बार शिकायत देने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई न होने से पीड़िता ने नाराजगी जताई।
प्रशासनिक अमला रहा मौजूद, शीघ्र समाधान का आश्वासन
इस समाधान दिवस में अपर जिलाधिकारी, अपर पुलिस अधीक्षक, क्षेत्राधिकारी तिर्वा, तहसीलदार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने सभी शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागों को शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए। प्रशासन का कहना है कि प्रत्येक प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाएगा।
समाधान दिवस के साथ स्वास्थ्य सेवा: आयुर्वेद शिविर भी आकर्षण का केंद्र
कार्यक्रम के दौरान एक निःशुल्क आयुर्वेदिक चिकित्सा शिविर का भी आयोजन किया गया, जिसमें लगभग 50 मरीजों का उपचार किया गया। आयुर्वेद चिकित्सक द्वारा ग्रामीणों को पारंपरिक चिकित्सा पद्धति के लाभों के बारे में भी जानकारी दी गई। इससे कार्यक्रम में सामाजिक सरोकार की झलक भी देखने को मिली।
समाधान दिवस बना उम्मीद और सवाल दोनों का मंच
संपूर्ण समाधान दिवस जहां एक ओर आमजन को अपनी समस्याएं सीधे प्रशासन तक पहुंचाने का अवसर देता है, वहीं लगातार बढ़ती शिकायतों की संख्या यह भी दर्शाती है कि जमीनी स्तर पर समस्याओं का समाधान अभी भी एक बड़ी चुनौती बना हुआ है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन अपने आश्वासन को कितनी तेजी और पारदर्शिता के साथ धरातल पर उतार पाता है।






