5 अप्रैल 2026 का वैदिक पंचांग एवं राशिफल
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आचार्य मधुसूदन अग्निहोत्री (वैदिक ज्योतिष, कर्मकांड एवं धर्मनिर्णय विशेषज्ञ)।
वैदिक पंचांग
अंग्रेजी दिनांक – 5 अप्रैल 2026, रविवार
कालगणना
सृष्टि संवत् – 1,95,58,85,127
युगाव्द – 5127
विक्रम संवत् – 2083
शक संवत् – 1948
सम्वत्सर – रौद्र
अयन – उत्तरायण
ऋतु – वसंत
मास, पक्ष एवं वार विवरण
मास – चैत्र
पक्ष – कृष्ण
तिथि – तृतीया दोपहर 12:00 तक, तत्पश्चात् चतुर्थी
वार – रविवार
नक्षत्र, योग एवं करण
नक्षत्र – विशाखा रात्रि 12:08 तक, तत्पश्चात् अनुराधा
योग – वज्र सायं 08:37 तक, तत्पश्चात् सिद्ध
करण – विष्टि दोपहर 01:49 तक, फिर बव
चंद्र गोचर – तुला राशि में दोपहर 05:28 तक, तत्पश्चात् वृश्चिक राशि
सूर्य, काल एवं मुहूर्त (फर्रुखाबाद स्थानीय समय)
सूर्योदय – 06:11
सूर्यास्त – 06:45
अभिजित मुहूर्त – दोपहर 12:03 से 12:47 तक
निशिता मुहूर्त – रात्रि 12:05 से 12:57 तक (6 अप्रैल)
राहुकाल – शाम 05:13 से 06:45 तक
दिशाशूल – पश्चिम दिशा में (रविवार होने के कारण)
व्रत-पर्व विवरण
आज चैत्र कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि का आगमन दोपहर के बाद होगा। आज का दिन तंत्र साधना, कूटनीतिक चर्चा और गुप्त शत्रुओं पर विजय प्राप्त करने के लिए अत्यंत प्रभावशाली है। जेष्ठा नक्षत्र होने के कारण दोपहर के बाद महत्वपूर्ण निर्णयों में बड़ों की सलाह अवश्य लें।
विशेष जानकारी
आज सायं 05:28 तक चन्द्रमा शुक्र की राशि तुला में रहेंगे, उसके बाद वे मंगल की राशि वृश्चिक में प्रवेश करेंगे। रात 12:47 तक विशाखा नक्षत्र रहेगा और उसके बाद अनुराधा नक्षत्र प्रारंभ होगा। चूंकि चन्द्रमा विशाखा (नक्षत्र संधि) से अनुराधा में प्रवेश कर रहे हैं।
दिशा-विवेक
पूर्व और उत्तर दिशा में यात्रा आज अत्यंत शुभ।
पश्चिम दिशा में यात्रा आवश्यक हो तो दलिया या घी खाकर प्रस्थान करें।
सोते समय सिर पूर्व अथवा दक्षिण दिशा की ओर रखें।

आज का राशिफल 5 अप्रैल 2026, रविवार
मेष (चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ)
दोपहर तक स्वास्थ्य का ध्यान रखें, उसके बाद भाग्य का साथ मिलना शुरू होगा। धार्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी। पिता या गुरु के मार्गदर्शन से कोई बड़ा कार्य सिद्ध होगा। राजकीय लाभ के योग हैं।
उपाय – सूर्य नारायण को तांबे के लोटे से जल अर्पित करें और ‘राम रक्षा स्तोत्र’ का पाठ करें।
वृषभ (ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो)
आज दोपहर तक दाम्पत्य सुख बना रहेगा, किंतु उसके बाद वाणी पर नियंत्रण रखें। आकस्मिक खर्च बढ़ सकते हैं। गुप्त शत्रुओं से सावधान रहें। वाहन सावधानी से चलाएं।
उपाय – भगवान विष्णु को पीले फूल चढ़ाएं और ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ का जप करें।
मिथुन (का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, ह)
कार्यक्षेत्र में आपकी सक्रियता बढ़ेगी। दोपहर के बाद व्यापारिक साझेदारों से लाभ मिलेगा। जीवनसाथी के साथ संबंधों में मधुरता आएगी। अटके हुए सामाजिक कार्य पूर्ण होंगे।
उपाय – पक्षियों को सप्तधान्य खिलाएं और गणेश जी की आरती करें।
कर्क (ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)
शत्रुओं पर आपकी विजय होगी। दोपहर के बाद पुराने रोगों में सुधार महसूस करेंगे। कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत का उचित फल प्राप्त होगा। ननिहाल पक्ष से सहयोग मिल सकता है।
उपाय – शिवलिंग पर जल और अक्षत (चावल) अर्पित करें।
सिंह (मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)
विद्यार्थियों के लिए दोपहर तक का समय एकाग्रता वाला है, उसके बाद मन विचलित हो सकता है। संतान की ओर से शुभ समाचार मिलेगा। रचनात्मक कार्यों में आपकी ख्याति बढ़ेगी।
उपाय – आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करें और मस्तक पर लाल चंदन लगाएं।
कन्या (टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)
पारिवारिक सुख-साधनों में वृद्धि होगी। माता का स्नेह प्राप्त होगा। दोपहर के बाद कार्यक्षेत्र में आपकी व्यस्तता बढ़ेगी। भूमि-भवन से जुड़े मामले आपके पक्ष में सुलझ सकते हैं।
उपाय – गाय को गुड़ और रोटी खिलाएं।
तुला (रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते)
साहस और पराक्रम बढ़ा रहेगा। भाई-बहनों का पूर्ण सहयोग मिलेगा। दोपहर के बाद आर्थिक पक्ष और मजबूत होगा। व्यापारिक यात्रा लाभदायक सिद्ध होगी। संवाद शैली में ओज रहेगा।
उपाय – लक्ष्मी चालीसा का पाठ करें और मंदिर में घी का दीपक जलाएं।
वृश्चिक (तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)
आज दोपहर तक आप थोड़े मानसिक तनाव में रह सकते हैं, लेकिन उसके बाद धन लाभ के प्रबल योग हैं। वाणी के प्रभाव से बिगड़े काम बनेंगे। परिवार में उत्सव का माहौल रहेगा।
उपाय – हनुमान जी को चोला चढ़ाएं और सुंदरकांड का पाठ करें।
धनु (ये, यो, भा, भी, भू, ध, फा, ढा, भे)
चन्द्रमा आपकी ही राशि में प्रवेश करेंगे, जिससे आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। समाज में मान-सम्मान बढ़ेगा। सोचे हुए कार्य समय पर पूरे होंगे। शारीरिक स्फूर्ति बनी रहेगी।
उपाय – मस्तक पर केसर का तिलक लगाएं और भगवान विष्णु की पूजा करें।
मकर (भो, जा, जी, खी, खू, खा, खो, गा, गी)
आज खर्चों की अधिकता रह सकती है। व्यर्थ की भागदौड़ से थकान महसूस होगी। दोपहर के बाद स्थिति में सुधार होगा। किसी धार्मिक आयोजन में सम्मिलित होने का अवसर मिलेगा।
उपाय – शनि मंदिर में दीप जलाएं और ‘संकट नाशन गणेश स्तोत्र’ का पाठ करें।
कुंभ (गु, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)
आय के नए स्रोत बनेंगे। पुराने मित्रों से भेंट लाभदायक रहेगी। दोपहर के बाद शासन-सत्ता का सहयोग मिलेगा। व्यापार में कोई बड़ी सफलता मिल सकती है। मन प्रसन्न रहेगा।
उपाय – पक्षियों को दाना डालें और सूर्य नारायण के मंत्रों का जाप करें।
मीन (दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची)
कार्यक्षेत्र में आपकी धाक जमेगी। नई जिम्मेदारी मिलने के योग हैं। पिता के मार्गदर्शन से लाभ होगा। दोपहर के बाद भाग्य का साथ और अधिक मिलेगा। धार्मिक यात्रा संभव है।
उपाय – भगवान विष्णु को तुलसी दल अर्पित करें और पीला चंदन लगाएं।

