ठठिया में प्रतिबंधित लकड़ी पकड़ी: पुलिस की सतर्कता से खुला बड़ा खेल
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ठठिया थाना क्षेत्र में पुलिस की सतर्कता ने प्रतिबंधित लकड़ी के अवैध परिवहन का मामला उजागर कर दिया। रविवार रात नियमित चेकिंग के दौरान कुढिना गांव के पास एक संदिग्ध लोडर को रोका गया, जिसमें भारी मात्रा में नीम की प्रतिबंधित लकड़ी बरामद हुई। इस कार्रवाई के बाद स्थानीय स्तर पर अवैध कटान और परिवहन को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
चेकिंग के दौरान हुआ खुलासा, लोडर से मिली प्रतिबंधित लकड़ी
पुलिस टीम ने जब संदिग्ध वाहन की तलाशी ली तो उसमें नीम की लकड़ी लदी मिली, जिसके परिवहन पर नियमानुसार रोक होती है। मौके पर ही वाहन को कब्जे में लेकर ठठिया थाना परिसर में खड़ा करा दिया गया। प्रारंभिक जांच में यह मामला संगठित अवैध कटान और तस्करी से जुड़ा प्रतीत हो रहा है।
चालक का बड़ा दावा: “रास्ते में दिए गए थे पैसे”
पूछताछ के दौरान लोडर चालक ने चौंकाने वाला खुलासा किया। उसने बताया कि लकड़ी इंदरगढ़ थाना क्षेत्र के उमर्दा से लाई जा रही थी और रास्ते में सुरक्षित परिवहन के लिए उसने कथित तौर पर उमर्दा चौकी और वन विभाग के कर्मचारियों को एक-एक हजार रुपये दिए थे। इस बयान के सामने आने के बाद पूरे मामले ने नया मोड़ ले लिया है।
वन विभाग की भूमिका पर उठे सवाल, जांच शुरू
घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम ठठिया थाना पहुंची और जब्त लकड़ी व वाहन को अपने कब्जे में लेकर कन्नौज ले गई। विभाग द्वारा आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। हालांकि, चालक के आरोपों के बाद वन विभाग की कार्यप्रणाली और संभावित मिलीभगत पर सवाल उठने लगे हैं।
पुलिस का सख्त संदेश: अवैध गतिविधियों पर जीरो टॉलरेंस
थाना प्रभारी संजीव कुमार ने स्पष्ट किया कि क्षेत्र में किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पुलिस लगातार चेकिंग अभियान चला रही है और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी।
क्या है बड़ा सवाल?
यह मामला सिर्फ अवैध लकड़ी पकड़ने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह संकेत देता है कि कहीं न कहीं सिस्टम में खामियां हैं। अब देखना होगा कि जांच में क्या सामने आता है—क्या यह एक अकेली घटना है या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क सक्रिय है।






