नशे में कोर्ट पहुंचा आरोपी, 48% अल्कोहल की पुष्टि के बाद कोर्ट ने भेजा जेल
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जिले की अदालत में उस वक्त हैरानी का माहौल बन गया, जब मारपीट और एससी-एसटी एक्ट के एक मामले में वांछित आरोपी शराब के नशे में ही आत्मसमर्पण करने पहुंच गया। आरोपी की हालत पर संदेह होने के बाद जब मेडिकल परीक्षण कराया गया, तो रिपोर्ट ने सभी को चौंका दिया।
हवालात में दाखिल करने से पहले खुली नशे की पोल
थाना राजेपुर क्षेत्र के गांव राजेपुर राठौरी निवासी आरोपी हिमांशु गुप्ता सोमवार को विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी एक्ट की अदालत में आत्मसमर्पण के लिए पेश हुआ। अदालत ने औपचारिक प्रक्रिया पूरी करते हुए उसे न्यायिक अभिरक्षा में भेजने के निर्देश दिए।
हालांकि, जब कोर्ट मोहर्रिर उसे कचहरी परिसर स्थित हवालात में दाखिल कराने पहुंचे, तो वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने उसकी हालत पर आपत्ति जताई और स्पष्ट किया कि आरोपी शराब के नशे में है।
मेडिकल जांच में हुआ बड़ा खुलासा
मामले की जानकारी तत्काल न्यायाधीश को दी गई, जिस पर उन्होंने आरोपी का मेडिकल परीक्षण कराने के निर्देश दिए। आरोपी को लोहिया अस्पताल भेजा गया, जहां जांच में उसके शरीर में 48% अल्कोहल की पुष्टि हुई—जो सामान्य सीमा से बेहद अधिक है और गंभीर नशे की स्थिति को दर्शाता है।
अदालत का सख्त रुख, सीधे जेल भेजने का आदेश
मेडिकल रिपोर्ट सामने आने के बाद अदालत ने आरोपी के व्यवहार को गंभीर मानते हुए उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजने का आदेश दे दिया। साथ ही मामले की अगली सुनवाई के लिए 27 मार्च की तारीख निर्धारित की गई है।
कानूनी प्रक्रिया पर उठे सवाल
इस घटना ने अदालत की कार्यवाही के दौरान सुरक्षा और आरोपी की मानसिक व शारीरिक स्थिति की जांच को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के मामलों में पहले से स्क्रीनिंग और सख्ती जरूरी है, ताकि न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।






