तड़के सुबह का काल: कटक अस्पताल में लगी भीषण आग, इलाज कराने आए 10 मरीजों की दर्दनाक मौत
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संवाद 24 ओडिशा। कटक जिले से एक ऐसी हृदयविदारक घटना सामने आई है जिसने पूरे देश के स्वास्थ्य तंत्र और सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सोमवार की तड़के सुबह, जब शहर गहरी नींद में था, कटक के प्रतिष्ठित एससीबी (SCB) मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के ट्रॉमा केयर विभाग में अचानक भीषण आग लग गई। इस भयावह अग्निकांड में अब तक 10 से अधिक मरीजों के जिंदा जलकर मरने की दुखद सूचना मिली है, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से झुलस गए हैं।
तड़के सुबह का तांडव: चीख-पुकार के बीच धू-धू कर जला आईसीयू
मिली जानकारी के अनुसार, सोमवार 16 मार्च की सुबह करीब 4 से 5 बजे के बीच अस्पताल के ट्रॉमा केयर यूनिट और विशेषकर आईसीयू (ICU) वार्ड से धुआं निकलना शुरू हुआ। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। चूंकि घटना तड़के सुबह की थी, अधिकांश मरीज और उनके तीमारदार सो रहे थे। आग इतनी तेजी से फैली कि मरीजों को वार्ड से बाहर निकालने का मौका तक नहीं मिला। धुएं के गुबार और आग की लपटों के बीच अस्पताल परिसर में चीख-पुकार मच गई।
प्रशासनिक मुस्तैदी और रेस्क्यू ऑपरेशन
आग लगने की सूचना मिलते ही अग्निशमन विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुँचीं। दमकलकर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक भारी तबाही हो चुकी थी। प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, मरने वाले सभी 10 व्यक्ति ट्रॉमा केयर के आईसीयू में भर्ती थे, जिनकी स्थिति पहले से ही नाजुक थी और वे चलने-फिरने में असमर्थ थे। इसके अलावा, पांच अन्य मरीजों की हालत बेहद चिंताजनक बताई जा रही है, जिन्हें इलाज के लिए दूसरे वार्डों में शिफ्ट किया गया है।
मुख्यमंत्री मोहन चरण मांझी ने लिया जायजा
हादसे की गंभीरता को देखते हुए ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण मांझी तत्काल घटनास्थल पर पहुँचे। उन्होंने अस्पताल का निरीक्षण किया और झुलसे हुए मरीजों व उनके परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया। मुख्यमंत्री ने इस घटना को अत्यंत दुखद बताते हुए उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस लापरवाही के लिए जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सुरक्षा मानकों पर उठे सवाल
यह कोई पहली बार नहीं है जब किसी बड़े सरकारी अस्पताल में इस तरह का अग्निकांड हुआ हो। सवाल यह उठता है कि क्या एससीबी मेडिकल कॉलेज में अग्नि सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम थे? क्या अस्पताल का ‘फायर अलार्म’ सिस्टम समय पर काम कर रहा था? स्थानीय लोगों और प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि अगर सुरक्षा उपकरण सही समय पर सक्रिय हो जाते, तो शायद इतनी बड़ी संख्या में जनहानि को टाला जा सकता था। फिलहाल, पुलिस और फोरेंसिक विशेषज्ञों की टीम आग लगने के सही कारणों का पता लगाने में जुटी है। प्राथमिक आशंका शॉर्ट सर्किट की जताई जा रही है, लेकिन आधिकारिक पुष्टि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही होगी। पूरा कटक शहर इस समय शोक में डूबा है और लोग पीड़ित परिवारों के लिए न्याय की मांग कर रहे हैं।






