कोल्ड स्टोरेज में 30% भी नहीं पहुंचा आलू, मालिकों की बढ़ी चिंता
Share your love

संवाद 24 संवाददाता। सौरिख, अतरौली और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में इस वर्ष आलू भंडारण की स्थिति सामान्य से काफी कमजोर बनी हुई है। क्षेत्र के अधिकांश कोल्ड स्टोरेज में अभी तक कुल क्षमता का 30 प्रतिशत भी आलू नहीं पहुंच पाया है। स्थानीय स्तर पर किए गए आकलन के अनुसार कई भंडारण केंद्रों में केवल 25 प्रतिशत तक ही स्टॉक जमा हो सका है।
जानकारी के अनुसार, इस बार किसान बड़ी संख्या में आलू को कोल्ड स्टोरेज में रखने के बजाय सीधे बाजार में बेचने को प्राथमिकता दे रहे हैं। मंडियों में कम दाम मिलने के बावजूद किसान भंडारण से जुड़ी अतिरिक्त लागत और भविष्य में मूल्य अनिश्चितता के कारण जोखिम नहीं लेना चाहते। किसानों का मानना है कि यदि आगे कीमतों में सुधार नहीं हुआ तो स्टोरेज का खर्च भी घाटे को और बढ़ा सकता है।
स्थानीय कोल्ड स्टोरेज संचालक शाकिर अली ने बताया कि वर्तमान स्थिति चुनौतीपूर्ण है, हालांकि उन्हें उम्मीद है कि होली के बाद कुछ किसान आलू भंडारण के लिए ला सकते हैं। उनका कहना है कि जो भी स्टॉक आएगा, उसी के आधार पर व्यापार संचालन करना पड़ेगा, लेकिन फिलहाल स्थिति सामान्य से काफी कमजोर है।
व्यापारिक जानकारों का अनुमान है कि यदि यही रुझान जारी रहा तो इस सीजन में आधे से अधिक कोल्ड स्टोरेज खाली रह सकते हैं। इससे संचालकों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है, वहीं भविष्य में यदि बाजार में आलू की कमी होती है तो किसानों को भी कम स्टॉक के कारण बेहतर दाम का लाभ नहीं मिल पाएगा।
कुल मिलाकर, कन्नौज क्षेत्र में आलू भंडारण का मौजूदा परिदृश्य कृषि और व्यापार दोनों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। आने वाले कुछ सप्ताह इस स्थिति की दिशा तय करेंगे।






