उमर्दा ब्लॉक की रत्नापुर सरैया ग्राम पंचायत में जल संकट गहराया, अधूरी पानी टंकी पर उठे सवाल
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संवाद 24 संवाददाता। विकासखंड उमर्दा की रत्नापुर सरैया ग्राम पंचायत में पेयजल संकट को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। पंचायत निधि और विभिन्न सरकारी योजनाओं के तहत बजट आवंटित होने के बावजूद गांव में मूलभूत सुविधाएं अधूरी पड़ी हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि विकास कार्य कागजों तक सीमित रह गए हैं।
गांव में कई हैंडपंप महीनों से खराब पड़े हैं, जिससे लोगों को दूर-दराज के स्रोतों से पानी लाना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि हैंडपंपों की मरम्मत के लिए कई बार शिकायत की गई, लेकिन स्थायी समाधान नहीं हुआ। गर्मी बढ़ने के साथ जल संकट और गहरा गया है।
केंद्र सरकार की ‘हर घर जल’ योजना के अंतर्गत जल जीवन मिशन के तहत गांव में पानी की टंकी का निर्माण कार्य शुरू किया गया था, लेकिन यह अभी तक अधूरा है। टंकी के पिलर खड़े हैं, परंतु पानी की आपूर्ति शुरू नहीं हो सकी है। बाउंड्री वॉल के भीतर पशु बांधे जाने लगे हैं, जिससे परियोजना की उपयोगिता पर प्रश्नचिह्न लग गया है।
ग्रामीणों का यह भी कहना है कि पंचायत में साफ-सफाई की स्थिति संतोषजनक नहीं है। कई नालियां गंदगी से भरी पड़ी हैं। इसके अलावा ब्लॉक प्रमुख निधि से लाखों रुपये की लागत से लगाया गया फ्रीजर भी लंबे समय से खराब पड़ा है, जिसका कोई उपयोग नहीं हो पा रहा।
मामले में ग्राम पंचायत सचिव राजेंद्र सिंह ने कहा कि खराब हैंडपंपों को प्रधान के माध्यम से जल्द ठीक कराया जाएगा। हालांकि, उन्होंने पानी की टंकी के निर्माण कार्य को अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर बताया।
ग्रामीणों ने संबंधित अधिकारियों से जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई और अधूरे कार्यों को शीघ्र पूर्ण कराने की मांग की है। गांववासियों का कहना है कि यदि शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो वे उच्चाधिकारियों से शिकायत करेंगे।






