होली से पहले सख्ती: फर्रुखाबाद में 45 किलो खोया नष्ट, मिलावटखोरों पर कड़ी नजर

संवाद 24 संवाददाता। रंगों के पर्व होली से पहले मिठाइयों और दूध उत्पादों की खपत बढ़ने के साथ ही खाद्य मिलावट की आशंकाएं भी बढ़ जाती हैं। इसी को देखते हुए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) ने जनपद में विशेष अभियान शुरू कर दिया है। अभियान के तहत शनिवार को चौक क्षेत्र स्थित खोया मंडी में छापेमारी कर लगभग 45 किलोग्राम संदिग्ध खोया नष्ट कराया गया, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 11,700 रुपये आंकी गई है।

कार्रवाई सहायक आयुक्त (खाद्य) अजीत कुमार के निर्देश पर और मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी अक्षय प्रधान के नेतृत्व में की गई। टीम में खाद्य सुरक्षा अधिकारी शिवदास सिंह, संजय कुमार सिंह और बृज मोहन गुप्ता शामिल रहे।

छापेमारी के दौरान टीम ने खोया आढ़त संचालक विनोद कुमार गुप्ता तथा विक्रेता प्रमोद कुमार के प्रतिष्ठानों से नमूने संकलित किए। इन नमूनों को जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है, जिसकी रिपोर्ट आने के बाद आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

निरीक्षण के दौरान कुछ अन्य खाद्य कारोबारकर्ता टीम को देखकर अपना लगभग 45 किलो खोया जमीन पर फेंककर मौके से फरार हो गए। अधिकारियों ने उक्त खोये को उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के लिए संभावित रूप से हानिकारक मानते हुए जनहित में उसे एक गड्ढे में दबाकर नष्ट करा दिया।

होली के दौरान मावा, खोया, पनीर, घी और मिठाइयों की मांग कई गुना बढ़ जाती है। इस बढ़ती मांग का फायदा उठाकर कुछ व्यापारी मिलावटी या घटिया गुणवत्ता का माल बाजार में उतार देते हैं। ऐसे उत्पादों के सेवन से फूड पॉयजनिंग, पेट संक्रमण और एलर्जी जैसी समस्याएं सामने आती हैं। इसी कारण प्रशासन हर वर्ष त्योहारों से पहले विशेष अभियान चलाकर नमूना जांच, छापेमारी और खराब सामग्री नष्ट करने की कार्रवाई करता ह

खाद्य सुरक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि अभियान आगामी दिनों में भी जारी रहेगा और मिलावट पाए जाने पर संबंधित खाद्य कारोबारकर्ताओं के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी, जिसमें भारी जुर्माना और लाइसेंस निरस्तीकरण तक शामिल हो सकता है।

खुला या बिना पैकिंग वाला खोया खरीदने से बचेंअत्यधिकसस्तामिलनेपर सावधान रहेंरंग, गंध या स्वाद संदिग्ध लगे तो उपयोग न करेंबिलअवश्यलें, ताकि शिकायत दर्ज कराई जा सकेप्रशासन का कहना है कि त्योहार की खुशियां तभी सुरक्षित हैं, जब खाद्य पदार्थ शुद्ध हों। इसलिए विभागीय टीम बाजारों की लगातार निगरानी कर रही है ताकि उपभोक्ताओं को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराई जा सके।

Anuj Singh
Anuj Singh

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