दिल्ली से मेरठ अब सिर्फ 60 मिनट दूर! पीएम मोदी कल करेंगे देश के सबसे बड़े ‘मल्टी-मॉडल’ सराय काले खां स्टेशन का आगाज़, जानें क्या है खास
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संवाद 24 नई दिल्ली। देश की राजधानी और उत्तर प्रदेश के प्रमुख शहर मेरठ के बीच का सफर अब इतिहास बनने जा रहा है। रविवार, 22 फरवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नमो भारत रैपिड रेल (RRTS) के सराय काले खां स्टेशन का भव्य उद्घाटन करेंगे। इसी के साथ अब सराय काले खां से मेरठ के मोदीपुरम तक का पूरा 82 किलोमीटर का कॉरिडोर आधिकारिक रूप से संचालित हो जाएगा। यह केवल एक रेलवे स्टेशन नहीं, बल्कि देश का सबसे विशाल और आधुनिक ‘ट्रांसपोर्ट हब’ है, जो दिल्ली की रफ्तार को नई पहचान देगा।
सराय काले खां स्टेशन: सुविधाओं का ‘सुपर हब’
सराय काले खां स्टेशन को इस तरह डिजाइन किया गया है कि यात्री बिना स्टेशन से बाहर निकले रेल, मेट्रो और बस का सफर तय कर सकें। यह स्टेशन हजरत निजामउद्दीन रेलवे स्टेशन, दिल्ली मेट्रो की पिंक लाइन और सराय काले खां ISBT से सीधे जुड़ा हुआ है। यात्रियों की सुविधा के लिए यहाँ 280 मीटर लंबा फुट ओवरब्रिज (FOB) बनाया गया है, जिसमें 6 ‘ट्रेवलेटर्स’ (चलती हुई पैदल पट्टी) लगाई गई हैं, ताकि सामान के साथ यात्रियों को पैदल न चलना पड़े। स्टेशन में 14 लिफ्ट, 18 एस्केलेटर और 5 एंट्री-एग्जिट गेट बनाए गए हैं।
एक घंटे में दिल्ली से मेरठ, 180 की रफ्तार
नमो भारत ट्रेन 180 किलोमीटर प्रति घंटे की डिजाइन स्पीड के साथ देश की सबसे तेज़ क्षेत्रीय रेल है। अब तक यह सेवा मेरठ साउथ से न्यू अशोक नगर तक चल रही थी, लेकिन रविवार से यह सराय काले खां से शुरू होकर सीधे मोदीपुरम तक जाएगी। 82 किलोमीटर की यह दूरी यात्री मात्र 55 से 60 मिनट में पूरी कर सकेंगे। इसके शुरू होने से सड़क पर ट्रैफिक का दबाव कम होगा और प्रदूषण में भी भारी कमी आएगी।
मेरठ मेट्रो का भी होगा शुभारंभ
प्रधानमंत्री इस मौके पर नमो भारत के साथ-साथ ‘मेरठ मेट्रो’ का भी उद्घाटन करेंगे। खास बात यह है कि मेरठ मेट्रो और नमो भारत एक ही ट्रैक और बुनियादी ढांचे का उपयोग करेंगे, जो भारत में अपनी तरह का पहला प्रयोग है। मेरठ में शताब्दी नगर, बेगमपुल और मोदीपुरम जैसे प्रमुख स्टेशनों पर अब यात्रियों को हाई-स्पीड कनेक्टिविटी मिलेगी।
सुरक्षा और आधुनिकता का संगम
नमो भारत के हर डिब्बे में सीसीटीवी कैमरे, आपातकालीन कॉल बटन और वाई-फाई की सुविधा है। महिलाओं के लिए अलग कोच और बिजनेस क्लास की सुविधा इसे प्रीमियम अनुभव देती है। हर स्टेशन पर ‘प्लेटफॉर्म स्क्रीन डोर्स’ (PSD) लगाए गए हैं ताकि ट्रेन आने से पहले कोई ट्रैक पर न जा सके।
विकास को मिलेगी नई गति
जानकारों का मानना है कि इस पूरे कॉरिडोर के चालू होने से दिल्ली-एनसीआर के रियल एस्टेट और व्यापार में बड़ी उछाल आएगी। सराय काले खां स्टेशन अब आने वाले समय में दिल्ली-करनाल और दिल्ली-अलवर आरआरटीएस लाइनों के लिए भी इंटरचेंज का काम करेगा, जिससे यह पूरे उत्तर भारत का सबसे बड़ा ट्रांजिट पॉइंट बन जाएगा।






