योगी सरकार का बड़ा फैसला: शिक्षामित्रों को 18 हजार, अनुदेशकों को 17 हजार मानदेय
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संवाद 24 लखनऊ। उत्तर प्रदेश की उत्तर प्रदेश सरकार ने शिक्षामित्रों और अनुदेशकों के मानदेय में उल्लेखनीय बढ़ोतरी का ऐलान किया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बजट सत्र के दौरान घोषणा करते हुए कहा कि अब शिक्षामित्रों को 10 हजार रुपये के स्थान पर 18 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय दिया जाएगा। वहीं अनुदेशकों को 17 हजार रुपये प्रतिमाह दिए जाएंगे। यह नई दरें 1 अप्रैल से प्रभावी होंगी।
राज्य में वर्ष 2017 में भाजपा सरकार बनने के बाद शिक्षामित्रों के मानदेय में वृद्धि की गई थी। उस समय 3 हजार रुपये से बढ़ाकर 10 हजार रुपये प्रतिमाह किया गया था। अब एक बार फिर मानदेय में बढ़ोतरी कर सरकार ने बड़ा राहत पैकेज दिया है।
प्रदेश में लगभग 1.42 लाख शिक्षामित्र और 28 हजार से अधिक अनुदेशक कार्यरत हैं। शिक्षामित्रों को वर्तमान में 11 माह का ही मानदेय मिलता है। नई घोषणा के बाद बड़ी संख्या में शिक्षाकर्मियों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।
साल 2014-15 के दौरान तत्कालीन सपा सरकार ने शिक्षामित्रों को स्थायी कर सहायक अध्यापकों के बराबर वेतनमान देने का निर्णय लिया था। हालांकि बाद में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के चलते उनका समायोजन निरस्त हो गया था। इसके बाद से शिक्षामित्र मानदेय व्यवस्था के तहत कार्य कर रहे हैं।
विधान परिषद में राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, आशा कार्यकत्रियों, निराश्रित महिलाओं और दिव्यांगजनों की पेंशन में भी वृद्धि की जाएगी। सरकार का दावा है कि यह निर्णय निचले स्तर पर कार्यरत कर्मियों के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।






