फर्रुखाबाद में रमज़ान का आगाज़: तरावीह से गूंज उठीं मस्जिदें, बाज़ारों में बढ़ी रौनक

संवाद 24 संवाददाता। मुकद्दस माह रमज़ान का आगाज़ होते ही शहर की फिज़ा इबादत और रूहानियत से सराबोर हो गई। बुधवार शाम चाँद दिखाई देने की तस्दीक के बाद शहर की मस्जिदों से रमज़ान की आमद का ऐलान किया गया और उसी के साथ तरावीह की नमाज़ का सिलसिला शुरू हो गया। उलमा-ए-कराम ने पुष्टि की कि पहला रोज़ा बृहस्पतिवार को रखा जाएगा।

शहर की जामा मस्जिद, मस्जिद जान अली खां, सुनहरी मस्जिद, गढ़ी कोना हुसैनिया मस्जिद, एक मीनार मस्जिद, बदा खां मस्जिद, बीवी साहब मस्जिद और शीश महल मस्जिद सहित विभिन्न इबादतगाहों पर मगरिब की नमाज़ के बाद लोगों ने चाँद देखने की कोशिश की। बाद में बड़ी तंजीम सीरत कमेटी, रूहते हिलाल कमेटी और मस्जिद जान अली खां रजिस्टर्ड कमेटी के सदस्यों ने चाँद दिखाई देने की आधिकारिक पुष्टि की।

शहर इमाम मुफ्ती मुअज्जम अली और शहर काज़ी सैय्यद मुताहिर अली ने रमज़ान शुरू होने का ऐलान करते हुए लोगों से रोज़ा, नमाज़ और तिलावत-ए-कुरआन के जरिए इबादतों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की। मौलाना सदाकत हुसैन सेथली ने भी चाँद दिखने की तस्दीक करते हुए कहा कि रमज़ान सब्र, संयम और भाईचारे का पैग़ाम देता है।

ईशा की नमाज़ के बाद मस्जिदों में तरावीह अदा की गई, जिसके लिए पहले से हाफ़िज-ए-कुरआन मुकर्रर किए गए थे। नमाज़ियों की खासी भीड़ देखने को मिली और लोगों ने मुल्क-ओ-कौम की सलामती तथा अमन-चैन की दुआएँ मांगीं।

रमज़ान के आगाज़ के साथ ही शहर के बाज़ारों में भी रौनक बढ़ गई। सेहरी और इफ्तार के सामान—खजूर, फल, सूखे मेवे, सेवइयां, शर्बत और मसालों—की खरीदारी देर रात तक चलती रही। दुकानदारों के अनुसार हर साल की तरह इस बार भी रमज़ान से व्यापार में तेजी आई है। घरों में महिलाएं और बच्चे कुरआन की तिलावत में मशगूल दिखाई दिए और पूरे महीने इबादत का माहौल बना रहेगा।

इस्लामी परंपरा के अनुसार रोज़ा मगरिब की अज़ान के साथ खजूर या पानी से खोलना सुन्नत माना जाता है। रोज़ा खोलने से पहले मुसलमान यह दुआ पढ़ते हैं—
“अल्लाहुम्मा इन्नी लका सुमतु व बिका आमंतु व अलैका तवक्कलतु व अला रिज़्किका अफ्तर्तु।”
इसके बाद मगरिब की नमाज़ अदा कर हल्का व संतुलित भोजन करने की सलाह दी जाती है।

रमज़ान का महीना केवल इबादत तक सीमित नहीं, बल्कि आत्मसंयम, दान-पुण्य, सामाजिक सहयोग और आपसी भाईचारे को मजबूत करने का भी संदेश देता है। फर्रुखाबाद में भी इसके साथ सामाजिक सौहार्द और धार्मिक आस्था का वातावरण देखने को मिल रहा है, जो पूरे महीने जारी रहने की उम्मीद है।

Anuj Singh
Anuj Singh

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Get regular updates on your mail from Samvad 24 News