“AI समिट में बड़ा बदलाव: बिल गेट्स ने कीनोट भाषण रद्द किया, क्या है असली वजह?”
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संवाद 24 नई दिल्ली। भारत की राजधानी नई दिल्ली में आयोजित इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026 के दौरान एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया, जब माइक्रोसॉफ्ट के सह-संस्थापक और विश्व प्रसिद्ध परोपकारी बिल गेट्स ने अपना निर्धारित कीनोट भाषण रद्द कर दिया। इस फैसले ने समिट में मौजूद प्रतिनिधियों और तकनीकी जगत में चर्चा का माहौल बना दिया।
आयोजकों ने क्या दिया आधिकारिक स्पष्टीकरण?
गेट्स फाउंडेशन की ओर से जारी बयान में कहा गया कि कीनोट रद्द करने का निर्णय कार्यक्रम के मुख्य एजेंडा और चर्चाओं पर पूरा ध्यान केंद्रित रखने के उद्देश्य से लिया गया है। फाउंडेशन ने स्पष्ट किया कि उनकी भारत और वैश्विक साझेदारी पहले की तरह जारी रहेगी और यह निर्णय किसी विवाद से जुड़ा नहीं है।
अब कौन करेगा फाउंडेशन का प्रतिनिधित्व?
बिल गेट्स की अनुपस्थिति में गेट्स फाउंडेशन की ओर से अंकुर वोरा समिट को संबोधित करेंगे। वह फाउंडेशन के भारत और अफ्रीका कार्यालयों से जुड़े महत्वपूर्ण पद पर हैं। उनके संबोधन में स्वास्थ्य, शिक्षा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के सामाजिक उपयोग जैसे विषयों पर चर्चा होने की संभावना जताई जा रही है।
क्या वजह बनी अटकलों का कारण?
कीनोट रद्द होने की खबर सामने आते ही सोशल मीडिया और कुछ रिपोर्ट्स में तरह-तरह की अटकलें शुरू हो गईं। कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि गेट्स का नाम समिट की आधिकारिक वेबसाइट से हटाया गया था, जिससे भ्रम की स्थिति बनी। हालांकि, फाउंडेशन ने इन सभी अटकलों को निराधार बताया और स्पष्ट किया कि उनका समिट से जुड़ाव बरकरार है।
AI समिट क्यों है वैश्विक स्तर पर महत्वपूर्ण?
इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026 को वैश्विक तकनीकी मंच के रूप में देखा जा रहा है, जहां दुनियाभर के नीति-निर्माता, टेक कंपनियों के प्रमुख और विशेषज्ञ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के भविष्य पर चर्चा कर रहे हैं। भारत इस आयोजन के जरिए जिम्मेदार, समावेशी और नैतिक AI विकास की दिशा में अपनी भूमिका को मजबूत कर रहा है।
भारत की बढ़ती तकनीकी भूमिका
समिट में गूगल, ओपनAI और अन्य वैश्विक कंपनियों के शीर्ष अधिकारियों की भागीदारी ने भारत को तकनीकी नेतृत्व के केंद्र में ला खड़ा किया है। यह आयोजन न केवल निवेश और नवाचार को बढ़ावा देगा, बल्कि भारत को AI नीति निर्माण में भी महत्वपूर्ण आवाज देगा।
क्या पड़ेगा इस फैसले का समिट पर असर?
हालांकि बिल गेट्स की अनुपस्थिति चर्चा का विषय बनी, लेकिन आयोजकों का मानना है कि समिट के मूल उद्देश्यों पर इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। कार्यक्रम निर्धारित एजेंडा के अनुसार जारी है और विभिन्न सत्रों में तकनीकी सहयोग, नवाचार और वैश्विक साझेदारी पर विस्तार से चर्चा हो रही है।
आगे क्या रहेगा फोकस?
अब सभी की नजरें अंकुर वोरा के संबोधन पर टिकी हैं। यह देखा जाएगा कि फाउंडेशन भारत के साथ भविष्य की AI साझेदारी को किस दिशा में आगे बढ़ाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि स्वास्थ्य, डिजिटल शिक्षा और सामाजिक विकास में AI की भूमिका पर विशेष जोर दिया जा सकता है।






