लाल किले के पास ‘फर्जी NIA अफसर’ का हाई-वोल्टेज ड्रामा! रौब झाड़कर उगाही करने वाला शातिर दबोचा, खुलासे ने उड़ाए सबके होश

Share your love

संवाद 24 नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली का ऐतिहासिक लाल किला इलाका आज एक फिल्मी स्टाइल की गिरफ्तारी का गवाह बना। सुरक्षा के कड़े घेरे और दिल्ली पुलिस की सतर्कता के बीच खुद को ‘नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी’ (NIA) का बड़ा अधिकारी बताकर लोगों पर रौब झाड़ने वाले एक शातिर ठग को गिरफ्तार किया गया है। यह शख्स न केवल फर्जी आई-कार्ड लेकर घूम रहा था, बल्कि उसने NIA अफसर की तरह हाव-भाव और बातचीत का ऐसा तरीका अपनाया था कि अच्छे-अच्छे उसके झांसे में आ जाएं।

कैसे शुरू हुआ ‘अफसर’ बनने का खेल?
दिल्ली पुलिस के सूत्रों के मुताबिक, आरोपी पिछले कुछ समय से लाल किले और चांदनी चौक के आसपास के व्यापारियों और राहगीरों को डरा-धमका रहा था। वह खुद को NIA के आतंकवाद विरोधी दस्ते का हिस्सा बताता था और जांच के नाम पर लोगों के आईडी कार्ड चेक करता था। आज दोपहर जब उसने एक व्यक्ति को रोककर NIA का धौंस दिखाया, तो वहां गश्त कर रहे पुलिसकर्मियों को उसकी हरकतों पर शक हुआ। जब पुलिस ने उससे उसका परिचय पत्र (Identity Card) मांगा, तो वह घबराने लगा।

तलाशी में मिला फर्जीवाड़े का जखीरा
पुलिस ने जब आरोपी की जामा-तलाशी ली, तो उसके पास से बेहद सफाई से तैयार किया गया एक फर्जी आईडी कार्ड बरामद हुआ, जिस पर NIA का लोगो और ‘इंस्पेक्टर’ का पद लिखा हुआ था। इतना ही नहीं, उसके पास से कुछ ऐसे दस्तावेज भी मिले हैं जो सरकारी फाइलों जैसे दिखते हैं। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि क्या उसने इस फर्जी पहचान के दम पर किसी बड़ी वारदात को अंजाम दिया है या किसी से मोटी रकम वसूली है।

उगाही और ब्लैकमेलिंग का मास्टरमाइंड
शुरुआती पूछताछ में पता चला है कि आरोपी का मकसद केवल धौंस जमाना नहीं था, बल्कि वह उन लोगों को निशाना बनाता था जो किसी न किसी डर में रहते थे। वह उन्हें ‘संदिग्ध गतिविधि’ में शामिल होने का डर दिखाकर केस रफा-दफा करने के बदले पैसों की मांग करता था। व्यापारियों का कहना है कि वह अक्सर शाम के वक्त इस इलाके में एक्टिव रहता था ताकि अंधेरे और भीड़ का फायदा उठाकर निकल सके।

सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल और पुलिस की मुस्तैदी
लाल किला जैसे संवेदनशील इलाके में, जो हाई-अलर्ट पर रहता है, वहां किसी का फर्जी जांच एजेंसी का अधिकारी बनकर घूमना सुरक्षा एजेंसियों के लिए चिंता का विषय है। हालांकि, दिल्ली पुलिस की त्वरित कार्रवाई ने एक बड़े खतरे को टाल दिया। पुलिस अब इस बात की तहकीकात कर रही है कि आरोपी ने यह फर्जी कार्ड कहां से छपवाया और क्या इस खेल में उसके साथ कोई और भी शामिल है।

सावधान! कहीं आप भी तो नहीं हो रहे शिकार?
दिल्ली पुलिस ने इस घटना के बाद जनता से अपील की है कि अगर कोई खुद को किसी बड़ी जांच एजेंसी का अधिकारी बताकर डराता है या पैसों की मांग करता है, तो तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन को सूचित करें। असली अधिकारी कभी भी सड़क पर इस तरह से अवैध वसूली नहीं करते और उनकी एक तय प्रक्रिया होती है।

Madhvi Singh
Madhvi Singh

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Get regular updates on your mail from Samvad 24 News