फॉर्म-7 से नाम काटे जाने के आरोप निराधार, जांच में नहीं मिले प्रमाण: सीईओ
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संवाद 24 लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के दौरान फॉर्म-7 के माध्यम से मतदाताओं के नाम गलत तरीके से हटाए जाने के आरोपों को निराधार बताया है। उन्होंने कहा कि विभिन्न जिलों से प्राप्त शिकायतों की जांच कराई गई, जिनमें आरोप सही नहीं पाए गए।
राजधानी लखनऊ स्थित उत्तर प्रदेश प्रशासन एवं प्रबंधन अकादमी में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान मीडिया से बातचीत करते हुए सीईओ ने कहा कि अखिलेश यादव द्वारा लगाए गए आरोपों की बिंदुवार जांच कराई गई थी। बलिया जिले की सिकन्दरपुर विधानसभा क्षेत्र से संबंधित शिकायत, जिसमें एक जनप्रतिनिधि के परिवार सहित कई मतदाताओं के नाम काटे जाने की बात कही गई थी, जांच में असत्य पाई गई।
उन्होंने बताया कि भोजीपुर विधानसभा क्षेत्र में बूथ लेवल एजेंट का नाम हटाए जाने, सकलडीहा में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर मतदाताओं के नाम कटने, विधूना में फर्जी आवेदन से वोटरों के नाम हटाने तथा प्रतापगढ़ और बस्ती जिलों में बड़ी संख्या में नाम काटे जाने की शिकायतों की भी जांच की गई। इन सभी मामलों में आरोप प्रमाणित नहीं हुए और कहीं भी संगठित रूप से मतदाताओं के नाम हटाए जाने का मामला सामने नहीं आया।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने स्पष्ट किया कि मतदाता सूची संशोधन की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी है और किसी भी मतदाता का नाम हटाने से पहले निर्धारित नियमों का पालन किया जाता है। उन्होंने राजनीतिक दलों और नागरिकों से अपील की कि किसी भी प्रकार की शंका होने पर संबंधित निर्वाचन अधिकारी को प्रमाण सहित शिकायत दें, ताकि समयबद्ध जांच कर उचित कार्रवाई की जा सके।






