फर्रुखाबाद हत्याकांड का खुलासा: आपसी विवाद में चली गोली, दो गिरफ्तार एक आरोपी फरार
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संवाद 24 संवाददाता। उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद जिले के कायमगंज कोतवाली क्षेत्र में दिसंबर माह में झाड़ियों में मिले युवक के शव के मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने इस बहुचर्चित अंधे हत्याकांड में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि मुख्य आरोपी अब भी फरार है। पुलिस का कहना है कि यह हत्या किसी पुरानी रंजिश का परिणाम नहीं, बल्कि रास्ते में हुए अचानक विवाद के बाद हुई।
अपर पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह के अनुसार 24 दिसंबर को कायमगंज क्षेत्र के गांव मई रसीदपुर निवासी सोवरन सिंह का शव झाड़ियों में मिला था। शव पर गोली लगने के निशान पाए गए थे। उस समय मृतक की किसी से दुश्मनी सामने नहीं आने पर मामला पूरी तरह “ब्लाइंड मर्डर” बन गया था। कायमगंज कोतवाली में अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर एसओजी, सर्विलांस और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीमों को जांच में लगाया गया।
तकनीकी साक्ष्यों, मोबाइल सर्विलांस और स्थानीय सूचना तंत्र के आधार पर पुलिस ने मोहम्मदाबाद कोतवाली क्षेत्र के साहिबाबाद निवासी विकल, एटा जिले के अलीगंज थाना क्षेत्र के हरसिंहपुर निवासी सनी उर्फ दीपक राजपूत और नवाबगंज थाना क्षेत्र के रसूलपुर निवासी जबर सिंह की पहचान की। पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर विकल और सनी को गिरफ्तार कर लिया, जबकि जबर सिंह फरार हो गया। उसकी तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है।
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि 24 दिसंबर को वे लोग जबर सिंह के भाई की बेटी की शादी के लिए सामान खरीदने जा रहे थे। इसी दौरान रसूलपुर मार्ग पर उनकी मोटरसाइकिल एक साइकिल सवार से टकरा गई। बताया गया कि साइकिल सवार शराब के नशे में था और टक्कर के बाद दोनों पक्षों में कहासुनी शुरू हो गई। आरोप है कि विवाद के दौरान साइकिल सवार ने जबर सिंह को बेटी के नाम पर अपशब्द कह दिए। इसी बात से आक्रोशित होकर जबर सिंह ने तमंचे से उसकी कमर में गोली मार दी।
घायल युवक गिरकर उठा और आगे बढ़ने की कोशिश की, तभी आरोपी ने सामने से दूसरी गोली मार दी। इसके बाद तीनों आरोपियों ने घायल को उठाकर झाड़ियों में फेंक दिया और मौके से फरार हो गए। बाद में उसी युवक की पहचान सोवरन सिंह के रूप में हुई।
पुलिस के मुताबिक फरार आरोपी जबर सिंह क्षेत्र का हिस्ट्रीशीटर है। उसके खिलाफ लगभग 46 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं, जिनमें गैंगस्टर एक्ट और गुंडा एक्ट की धाराएं भी शामिल हैं। पुलिस की टीमें उसकी तलाश में संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं।
एएसपी ने बताया कि मृतक के बारे में पहले किसी रंजिश की जानकारी न मिलने से जांच जटिल हो गई थी। मोबाइल लोकेशन, तकनीकी विश्लेषण और स्थानीय सूचना नेटवर्क के संयोजन से मामले का खुलासा संभव हुआ।
यह घटना बताती है कि क्षणिक आवेश और छोटी कहासुनी भी किस तरह गंभीर अपराध में बदल सकती है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि सड़क विवाद या आपसी झगड़े की स्थिति में कानून हाथ में लेने के बजाय पुलिस की मदद लें।






