नसबंदी ऑपरेशन में कथित धोखाधड़ी, कोर्ट के आदेश पर दो डॉक्टर व आशा कार्यकर्ता पर FIR
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संवाद 24 संवाददाता। नसबंदी ऑपरेशन के नाम पर कथित धोखाधड़ी और अभद्र व्यवहार के आरोप में न्यायालय के आदेश पर पुलिस ने चिकित्सा अधीक्षक, एक डॉक्टर तथा आशा कार्यकर्ता के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामला ठठिया थाना क्षेत्र के एक गांव की महिला से जुड़ा है, जिसने न्यायालय में प्रार्थना पत्र देकर कार्रवाई की मांग की थी।
पीड़िता के अनुसार, 24 नवंबर को आशा कार्यकर्ता ममता उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) तिर्वा लेकर गई, जहां नसबंदी ऑपरेशन कराने की बात कही गई। महिला का आरोप है कि वहां तैनात चिकित्सा अधीक्षक ने जिला अस्पताल से एक डॉक्टर को बुलाकर उसका ऑपरेशन कराया, जिसके दौरान उसके पेट में चीरा लगाकर टांके लगाए गए। महिला का कहना है कि ऑपरेशन के बाद वह रातभर बेहोश रही और बाद में उसे लंबे समय तक रक्तस्राव की समस्या भी झेलनी पड़ी।
महिला ने बताया कि 9 दिसंबर को वह दोबारा सीएचसी पहुंची और नसबंदी का प्रमाणपत्र मांगा, लेकिन संबंधित कर्मियों ने यह कहते हुए टाल दिया कि उसका ऑपरेशन नहीं हुआ है। इसके बाद 5 जनवरी को आशा कार्यकर्ता द्वारा कथित रूप से उसके साथ अभद्र व्यवहार करने का भी आरोप लगाया गया है। पीड़िता का यह भी कहना है कि डॉक्टर से शिकायत करने पर उसे अपमानजनक शब्द कहकर भगा दिया गया।
पीड़िता ने पहले स्थानीय पुलिस चौकी और बाद में पुलिस अधीक्षक को शिकायत दी, लेकिन कार्रवाई न होने पर न्यायालय की शरण ली। न्यायालय के आदेश पर ठठिया थाना पुलिस ने 16 फरवरी को चिकित्सा अधीक्षक, संबंधित डॉक्टर और आशा कार्यकर्ता के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और तथ्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।






