बंपर पैदावार के बावजूद आलू किसानों पर संकट, लागत से कम दाम मिलने से प्रति बीघा 15 हजार तक नुकसान
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संवाद 24 संवाददाता। इस वर्ष आलू की बंपर पैदावार होने के बावजूद किसानों को भारी आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। बाजार में आलू का उचित मूल्य न मिलने से किसानों को अपनी लागत भी निकालना मुश्किल हो गया है, जिससे प्रति बीघा लगभग 15 हजार रुपये तक का नुकसान झेलना पड़ रहा है।
किसानों के अनुसार, इस बार सिंदूरी किस्म के आलू का उत्पादन प्रति बीघा लगभग 50 से 60 पैकेट तक हुआ है। फसल पूरी तरह तैयार होने के बावजूद बाजार में मांग कम होने और दाम गिरने के कारण कई किसान आलू की खुदाई करने से भी हिचकिचा रहे हैं, क्योंकि कम भाव पर बिक्री करने से उन्हें और अधिक नुकसान होने की आशंका है।
जानकारी के अनुसार, एक बीघा आलू की खेती करने में किसानों को लगभग 35 हजार से 40 हजार रुपये तक की लागत आती है, जिसमें बीज, खाद, सिंचाई, मजदूरी और अन्य खर्च शामिल हैं। वर्तमान बाजार दरों के हिसाब से किसानों को प्रति बीघा औसतन केवल 24 हजार रुपये तक ही प्राप्त हो रहे हैं, जिससे लागत की भरपाई भी नहीं हो पा रही है।
किसानों का कहना है कि यदि जल्द ही आलू के दामों में सुधार नहीं हुआ या सरकार द्वारा कोई राहत नहीं दी गई, तो उन्हें भारी आर्थिक संकट का सामना करना पड़ेगा। किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि आलू का उचित समर्थन मूल्य सुनिश्चित किया जाए, जिससे उन्हें उनकी मेहनत का सही मूल्य मिल सके।




