
संवाद 24 संवाददाता। तिर्वा कस्बे में शुक्रवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा निकाली गई “मनरेगा बचाव पदयात्रा” को लेकर प्रशासन और कांग्रेस के बीच विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि प्रशासन ने उनकी पदयात्रा को विभिन्न स्थानों पर रोकने का प्रयास किया और अंततः तहसील गेट पर यात्रा को रोक दिया, जिसके विरोध में कार्यकर्ताओं ने धरना प्रदर्शन किया।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पदयात्रा की शुरुआत कस्बे के गांधी चौराहा स्थित महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर की। इसके बाद कार्यकर्ता तिर्वा से कन्नौज की ओर पदयात्रा पर निकले। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यात्रा के दौरान पुलिस बल ने कई स्थानों पर उन्हें आगे बढ़ने से रोकने का प्रयास किया, जिससे कार्यकर्ताओं में आक्रोश फैल गया।
जिलाध्यक्ष एडवोकेट साकिर हुसैन ने बताया कि तहसील के सामने एसडीएम और क्षेत्राधिकारी की मौजूदगी में पुलिस ने पदयात्रा को आगे बढ़ने से रोक दिया। इसके बाद कांग्रेस कार्यकर्ता तहसील गेट पर बैठ गए और सरकार के विरोध में नारेबाजी करते हुए धरना दिया।
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि मनरेगा योजना का नाम बदलने का प्रयास महात्मा गांधी के सम्मान के विरुद्ध है। उन्होंने मांग की कि योजना का नाम यथावत रखा जाए तथा मनरेगा मजदूरों को प्रतिदिन 400 रुपये मजदूरी और वर्ष में 150 दिन का रोजगार सुनिश्चित किया जाए। इस दौरान कांग्रेस नेता विवेक नारायण मिश्र, संदीप, आशीष, लियाकत, अमोल दीक्षित, उमेश दीक्षित, रमाकांत सहित अनेक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।






