आधार-खतौनी में नाम अलग होने से किसान रजिस्ट्री प्रभावित, सम्मान निधि लाभ में आ रही बाधा
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संवाद 24 संवाददाता। अमोलर क्षेत्र में आधार कार्ड और खतौनी में नाम का मिलान न होने के कारण किसानों को फार्मर रजिस्ट्री पंजीकरण कराने में गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। पंजीकरण न हो पाने से कई किसान प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ लेने से वंचित रह रहे हैं।
शासन द्वारा किसान सम्मान निधि प्राप्त करने के लिए फार्मर रजिस्ट्री को अनिवार्य किया गया है और शत-प्रतिशत पंजीकरण सुनिश्चित करने के लिए गांवों में विशेष शिविर भी लगाए जा रहे हैं। इसके बावजूद आधार और खतौनी में नाम की भिन्नता किसानों के लिए सबसे बड़ी बाधा बनकर सामने आ रही है, जिसके कारण बड़ी संख्या में आवेदन लंबित हैं।
स्थानीय किसान सुरेश चंद्र ने बताया कि उनकी पत्नी के आधार कार्ड में “केशन कली” नाम दर्ज है, जबकि खतौनी में गलती से “कृष्णा देवी” लिखा होने के कारण पंजीकरण नहीं हो पा रहा है। उन्होंने नाम संशोधन के लिए आवेदन किया था, लेकिन दो महीने बाद भी लेखपाल स्तर पर रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। इसी तरह महिला किसान आसकली ने बताया कि खतौनी में उनका नाम “सावित्री” दर्ज होने के कारण उनका फार्मर रजिस्ट्री पंजीकरण अटका हुआ है। अमर सिंह और हरीराम सहित कई अन्य किसानों ने भी ऐसी ही समस्याएं बताई हैं।
जनसेवा केंद्र संचालकों का कहना है कि नाम मिलान की समस्या के साथ-साथ सर्वर डाउन रहने की दिक्कत भी पंजीकरण प्रक्रिया को प्रभावित कर रही है। ब्लॉक तकनीकी प्रबंधक राजीव दुबे ने बताया कि किसानों से संपर्क कर रजिस्ट्री कराने के प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन आधार और खतौनी में नाम अलग होने के कारण प्रक्रिया पूरी नहीं हो पा रही है। उन्होंने किसानों को आवश्यक दस्तावेजों में नाम संशोधन कराने की सलाह दी है, हालांकि यह प्रक्रिया समय लेने वाली बताई जा रही है।






